चैत्र नवरात्र के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा का विशेष महत्व है। चैत्र शुक्ल अष्टमी तिथि 25 मार्च दोपहर 01:50 से शुरू होकर 26 मार्च सुबह 11:48 पर समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार दुर्गाष्टमी 26 मार्च गुरुवार को मनाई जाएगी। इस दिन व्रत, पूजा और कन्या पूजन करना शुभ रहेगा। मां महागौरी नवदुर्गा का आठवां स्वरूप हैं जो वृषभ पर सवार हैं और उनकी चार भुजाएं हैं। शास्त्रों में इनकी आयु आठ वर्ष मानी गई है। पौराणिक कथा के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तपस्या की और गंगाजल से स्नान के बाद उनका शरीर विद्युत की तरह चमकीला हो गया, इसलिए उन्हें महागौरी कहा गया। मां की उपासना से शुक्र ग्रह बलवान होता है और मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। भोग में नारियल, मिश्री, दूध से बनी मिठाइयां और हलवा-पूड़ी-काला चना अर्पित करना चाहिए।