ज्योतिष शास्त्र में मंगल को ग्रहों का सेनापति और मेष तथा वृश्चिक राशि का स्वामी माना गया है। कुंडली में मंगल के कमजोर होने से व्यक्ति के जीवन में भय, साहस की कमी, क्रोध और विवाह में देरी जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। मंगल दोष तब होता है जब कुंडली के लग्न, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में मंगल स्थित हो। इस दोष और मंगल की बाधाओं को दूर करने के लिए पांच चमत्कारी वस्तुओं का प्रयोग बताया गया है। ये वस्तुएं तांबा, लाल रंग, मिट्टी, गुड़ और जौ हैं। तांबे के बर्तन का उपयोग, लाल रंग के वस्त्र धारण करना, मिट्टी के पात्र का प्रयोग, गुड़ का दान और जौ को जल में प्रवाहित करने से मंगल शुभ फल देने लगता है। इसके अलावा, मंगलवार के दिन भगवान हनुमान की पूजा करना, हनुमान चालीसा का पाठ करना और मंगल के मंत्रों का जाप करना सबसे अचूक उपाय माना गया है। इन उपायों से जीवन में साहस, सुख और शांति आती है।