खजुराहो स्थित मतंगेश्वर महादेव मंदिर अपने कई रहस्यों और मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है. दावा किया जाता है कि यहां स्थापित शिवलिंग हर साल तिल के समान बढ़ता है और यह जमीन के नौ फीट ऊपर तथा नौ फीट नीचे स्थित है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव द्वारा युधिष्ठिर को दी गई मरकत मणि मतंग ऋषि के पास पहुंची और इसे शिवलिंग के नीचे स्थापित किया गया. यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल खजुराहो के इस मंदिर में पूजन और जलाभिषेक से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. यहां भगवान कार्तिकेय को प्रथम भोग लगाने और माता पार्वती के चरण दबाकर आशीर्वाद लेने की विशेष परंपरा है. इसके साथ ही, गाजियाबाद के पौराणिक दूधेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास भी महत्वपूर्ण है. माना जाता है कि यह स्थान रावण के पिता विश्रवा की तपोस्थली रहा है और यहीं रावण ने महादेव को अपना पहला शीश अर्पित किया था.