केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर को भारत का सबसे धनी मंदिर माना जाता है। इस मंदिर का संचालन आज भी त्रावणकोर शाही परिवार के एक प्रशासनिक ट्रस्ट द्वारा किया जाता है। साल 2011 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मंदिर के पांच तहखानों को खोला गया था, जिनमें से करीब एक लाख करोड़ रुपए की अकूत धन-संपदा प्राप्त हुई थी। हालांकि, मंदिर का छठा तहखाना आज भी एक रहस्य बना हुआ है। मान्यताओं के अनुसार, इस तहखाने की रक्षा नाग देवता करते हैं और इसे विशेष नाग मंत्रों से बंद किया गया है। लोगों का मानना है कि इस दरवाजे को खोलने से भयंकर प्राकृतिक आपदा या प्रलय आ सकती है। मंदिर के गर्भगृह में भगवान विष्णु शेषनाग पर शयन मुद्रा में विराजमान हैं, जिसे 1208 पवित्र शालिग्राम पत्थरों से बनाया गया है। 1750 में त्रावणकोर के महाराजा मार्तंड वर्मा ने अपना संपूर्ण राज्य भगवान पद्मनाभस्वामी को समर्पित कर दिया था, जिसे त्रिपड़ी दानम कहा जाता है।