Prarthana Ho Sweekar | नवरात्रि के छठे दिन आदिशक्ति के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की विशेष पूजा-अर्चना का विधान है. मान्यता के अनुसार मां कात्यायनी की आराधना से विवाह में आ रही बड़ी से बड़ी बाधाएं दूर होती हैं और सुयोग्य जीवनसाथी का वरदान मिलता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार विवाह में विलंब या अड़चनों का मुख्य कारण कुंडली में बृहस्पति और शुक्र की कमजोर स्थिति, मांगलिक दोष या ग्रहण योग होता है. नवरात्रि में मां कात्यायनी की उपासना से बृहस्पति ग्रह बलवान होता है और शीघ्र विवाह के शुभ योग बनते हैं. कार्यक्रम में विभिन्न आयु वर्ग के साधकों के लिए अलग-अलग ज्योतिषीय उपाय बताए गए हैं, जिनमें विशेष मंत्र जप, लौंग अर्पित करना, लाल वस्त्र धारण करना तथा हल्दी और चांदी के सिक्के से जुड़े अनुष्ठान शामिल हैं. इसके साथ ही देवी की उत्पत्ति, महिषासुर वध की पौराणिक कथा और पूजा विधि का विस्तृत वर्णन किया गया है.