उत्तराखंड के नैनीताल स्थित कैंची धाम और बाबा नीब करौरी के चमत्कारों की ख्याति देश और दुनिया भर में फैली हुई है. उन्हें हनुमान जी का परम भक्त और कई लोग उनका अवतार भी मानते हैं. उत्तर प्रदेश के अकबरपुर में जन्मे बाबा का मूल नाम लक्ष्मण नारायण शर्मा था. उन्होंने गृहस्थ जीवन के बाद संन्यास का मार्ग अपनाया और वर्ष 1964 में नैनीताल के पास कैंची धाम की स्थापना की. बाबा के चमत्कारों और आध्यात्मिक ऊर्जा से वैश्विक हस्तियां भी प्रभावित रहीं, जिनमें एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स और फेसबुक के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग जैसे नाम शामिल हैं. इसके अलावा हॉवर्ड के पूर्व प्रोफेसर रिचर्ड अल्पर्ट भी बाबा के सानिध्य में आकर उनके शिष्य रामदास बने. बाबा अपने भक्तों के मन की बात जान लेते थे और उन्हें हनुमान चालीसा के पाठ के लिए प्रेरित करते थे. 11 सितंबर 1973 को वृंदावन में उनका देहावसान हुआ, जहां उनका समाधि मंदिर स्थित है. हर साल 15 जून को कैंची धाम में विशाल मेला आयोजित होता है.