हनुमान जी को भगवान शिव का रुद्रावतार माना जाता है। मान्यता है कि बजरंगबली के विभिन्न स्वरूपों की पूजा करने से जीवन की अलग-अलग परेशानियां दूर होती हैं और विशेष वरदान प्राप्त होते हैं। पंचमुखी हनुमान की उपासना से शत्रुओं पर विजय मिलती है और मनोवांछित फल प्राप्त होते हैं। वहीं, दक्षिण मुखी हनुमान की पूजा से मृत्यु भय, चिंता और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है। उत्तर मुखी हनुमान ऐश्वर्य और लंबी आयु प्रदान करते हैं, जबकि पूर्व मुखी स्वरूप साहस और ज्ञान देता है। विद्यार्थियों के लिए बाल हनुमान की पूजा विशेष फलदायी मानी गई है, जिससे बल, बुद्धि और विद्या की प्राप्ति होती है। इसके अलावा, पर्वत उठाए हनुमान जी की पूजा से व्यापारिक बाधाएं दूर होती हैं और सेवक स्वरूप की उपासना से बच्चों में अच्छे संस्कार आते हैं। हनुमान जी की अभय मुद्रा और सूर्यमुखी स्वरूप की आराधना से मान-सम्मान, उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। श्रद्धापूर्वक बजरंगबली की 40 दिन पूजा करने से हर काम में विजय और अद्भुत शक्ति का एहसास होता है।