सावन महीने के पहले सोमवार पर देशभर के शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. ज्योतिर्लिंगों और मंदिरों में देवादिदेव महादेव का जलाभिषेक किया जा रहा है. स्कंद पुराण के अनुसार सोमवार का दिन भगवान शिव का ही स्वरूप माना गया है और यह चंद्र ग्रह से संबंधित है. सावन के सोमवार का व्रत विवाह, संतान सुख, सेहत और मानसिक शांति के लिए विशेष कल्याणकारी माना जाता है. ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार शिवलिंग पर जल, बेलपत्र और दूध अर्पित करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. शीघ्र विवाह के लिए बेलपत्र पर चंदन से राम लिखकर अर्पित करने तथा संतान प्राप्ति के लिए शिवलिंग पर घी और दूध से अभिषेक करने का विधान बताया गया है. शिव पूजा में हल्दी, केवड़ा, शंख से जल और तुलसी वर्जित हैं.