प्रार्थना हो स्वीकार कार्यक्रम में शिवलिंग की पूजा, स्थापना के नियम और मनोकामना पूर्ति के विशेष उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया है. धर्म ग्रंथों के अनुसार शिवलिंग की आराधना से शिव और शक्ति दोनों के पूजन का फल प्राप्त होता है. सावन के महीने में घर पर नर्मदाेश्वर या छह इंच तक का शिवलिंग स्थापित करना अत्यंत लाभदायक माना जाता है. शिवलिंग की वेदी का मुख हमेशा उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए. पूजा के दौरान शिवलिंग पर सीधे वस्तु न चढ़ाकर बेलपत्र या पुष्प रखकर अर्पित करना चाहिए. शिवजी को हल्दी, केतकी का फूल, सेमल, जूही और कदंब अर्पित करने से बचना चाहिए. विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए जल, दूध, दही, घी, शहद या गन्ने के रस से अभिषेक करने का विधान है. पूजन के समय 'ॐ नमः शंभवाय च' अथवा 'ओम नमः शिवाय' मंत्र का जाप करने से महादेव की कृपा प्राप्त होती है.