भाद्रपद मास में श्रीमद्भगवद्गीता के पाठ और पूजन को अत्यंत फलदायी और मोक्षदायक माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस माह में गीता के 11वें अध्याय और 18वें अध्याय का पाठ करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा पापों से मुक्ति मिलती है. पूजा के लिए स्वच्छ चौकी पर भगवान श्रीकृष्ण और गीता की प्रति स्थापित कर पीले पुष्प, पंचामृत और मिष्ठान अर्पित करने का विधान है. इसके साथ ही विषम संख्या में गीता का दान करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है. वहीं, मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महर्षि सांदीपनि आश्रम भगवान श्रीकृष्ण की प्राचीन शिक्षा स्थली के रूप में प्रसिद्ध है. यहीं पर श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा ने महर्षि सांदीपनि से चौंसठ विद्याओं और कलाओं का ज्ञान प्राप्त किया था. आश्रम परिसर में भगवान कृष्ण की बैठी हुई दुर्लभ प्रतिमा, गोमती कुंड और छह हजार वर्ष पुराना शिवलिंग स्थापित है, जहां नंदी की खड़ी प्रतिमा भी मौजूद है.