वृंदावन स्थित निधिवन को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं और रहस्य प्रचलित हैं. मान्यता के अनुसार, सूर्यास्त के बाद निधिवन में भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी का आगमन होता है, जहां वे गोपियों के संग रासलीला करते हैं. शाम ढलते ही इस पूरे परिसर में श्रद्धालुओं और आम लोगों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित कर दिया जाता है. यहां तक कि आसपास के घरों की खिड़कियां भी बंद कर दी जाती हैं और पशु-पक्षी भी परिसर छोड़ देते हैं. निधिवन में मौजूद तुलसी के विशाल वृक्षों के बारे में माना जाता है कि वे रात के समय गोपियों का रूप धारण कर लेते हैं. इसके अलावा निधिवन के रंगमहल में रात को भगवान के लिए भोग, दातुन, जल और पान रखा जाता है, जो सुबह इस्तेमाल किया हुआ मिलता है. कहा जाता है कि स्वामी हरिदास ने इसी स्थल पर संगीत साधना कर बांके बिहारी के साक्षात दर्शन किए थे.