जया एकादशी पर श्री कृष्ण की विशेष उपासना करने से जाने-अनजाने किए पाप कर्मों का नाश हो जाता है.' कार्यक्रम में जया एकादशी की पौराणिक कथा का वर्णन किया गया है, जिसमें एक गंधर्व युगल को पिशाच योनि से मुक्ति मिली थी. पंचांग के अनुसार, इस वर्ष जया एकादशी का व्रत 29 जनवरी 2026 को रखा जाएगा, जबकि इसका प्रारंभ 28 जनवरी की शाम से होगा.