गुड न्यूज़ टुडे के खास कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में एंकर सरगम पंत श्रीवास्तव ने योगिनी एकादशी के महत्व और पूजा विधि के बारे में विस्तार से बताया है। आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली यह एकादशी देवशयनी एकादशी से ठीक पहले आती है। इस दिन भगवान विष्णु और शिव की उपासना से जीवन के सभी पापों और शारीरिक रोगों से मुक्ति मिलती है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को इसका महत्व बताते हुए हेम माली की कथा सुनाई थी, जिसे योगिनी एकादशी के प्रभाव से कुष्ठ रोग से मुक्ति मिली थी। इस खास दिन निर्धनों को दान, पीपल के पेड़ की पूजा और घर के मुख्य द्वार व तुलसी के पास घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। इसके अलावा, नौकरी और रोजगार की बाधाएं दूर करने के लिए भगवान शिव को श्वेत चंदन और हनुमान अष्टक का पाठ करने जैसे महाप्रयोग भी बताए गए हैं।