ब्रजभूमि में होली का उत्सव पूरे शबाब पर है। मथुरा के प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर में 'समाज गायन' और 'रसिया' की गूंज के साथ श्रद्धालु भक्ति में सराबोर हैं। यहाँ भगवान को गुलाल अर्पित करने के बाद उसे भक्तों पर प्रसाद स्वरूप उड़ाया जाता है। कार्यक्रम में बताया गया कि बरसाना में 25 फरवरी को विश्व प्रसिद्ध लट्ठमार होली का आयोजन होगा, जिसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी कर रहा है। इसके अलावा, इस बार प्राकृतिक रंगों पर जोर दिया जा रहा है। सहारनपुर की कान्हा उपवन गौशाला में गाय के गोबर से 'गौमय गुलाल' तैयार किया जा रहा है, जो पूरी तरह केमिकल मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल है। मथुरा में भी टेसू के फूलों से प्राकृतिक रंग बनाए जा रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं की त्वचा सुरक्षित रहे।