राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में देश के शूरवीरों को वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया गया. इस दौरान एक दृश्य देखने को मिला जब जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से लोहा लेते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले एक वीर जवान की मां सम्मान ग्रहण करते समय रो पड़ीं. प्रोटोकॉल तोड़कर राष्ट्रपति ने उन्हें गले लगाकर ढांढस बंधाया. इसके अलावा, घाटी में तीन गोलियां लगने के बावजूद एक आतंकी को ढेर करने वाले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के एक जवान को भी शौर्य चक्र से नवाजा गया. वहीं, मणिपुर में भारत-म्यांमार सीमा पर चौरासी घंटे तक चले एक बेहद चुनौतीपूर्ण आतंकवाद विरोधी अभियान का सफल नेतृत्व करने वाले सेना के एक मेजर को कीर्ति चक्र प्रदान किया गया. इन सभी शूरवीरों ने विपरीत परिस्थितियों में अपने प्राणों की परवाह किए बिना साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया, जिस पर पूरे देश को गर्व है.