भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के गगनयान मिशन में अब आम नागरिक भी अंतरिक्ष की उड़ान भर सकेंगे। इसरो ने अपने दूसरे बैच के लिए सिविलियंस के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बैच में कुल 10 अंतरिक्ष यात्रियों का चयन किया जाएगा, जिनमें छह वायुसेना के पायलट और चार सिविलियन बैकग्राउंड के लोग होंगे। ये आम नागरिक विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के विशेषज्ञ होंगे। इसके बाद तीसरे बैच में 12 अंतरिक्ष यात्रियों को शामिल किया जाएगा, जिनमें 10 सिविलियन विशेषज्ञ हो सकते हैं। अंतरिक्ष यात्रियों को तैयार करने में करीब 54 महीने का समय लगेगा। चयन प्रक्रिया में फिजिकल फिटनेस टेस्ट, मेडिकल स्क्रीनिंग और साइकोलॉजिकल असेसमेंट शामिल होगा। इसरो का यह कदम 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने और 2040 तक चंद्रमा पर मानव मिशन भेजने की लंबी अवधि की योजना का हिस्सा है। इससे पहले गगनयान के पहले बैच में वायुसेना के चार फाइटर पायलट्स को चुना गया था।