पुरी में भगवान जगन्नाथ की बहुड़ा यात्रा श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हो गई है. गुंडिचा मंदिर से चलकर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथ श्रीमंदिर पहुंच चुके हैं. यात्रा के दौरान गजपति महाराज के महल के सामने भगवान जगन्नाथ का नंदीघोष रथ रुका, जहां देवी लक्ष्मी और महाप्रभु का दिव्य मिलन यानी 'लक्ष्मी नारायण भेंट' अनुष्ठान संपन्न हुआ. इसके बाद नंदीघोष रथ को भी सिंहद्वार पहुंचाया गया. बहुड़ा यात्रा के बाद भी धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम जारी रहेगा. अगले दिन सुनावेश की परंपरा निभाई जाएगी, जिसमें तीनों विग्रहों को अलौकिक स्वर्ण आभूषणों से सजाया जाएगा. इसके बाद अधर पाना और नीलाद्री बीजे अनुष्ठान पूरा होने पर महाप्रभु अपने धाम के मुख्य मंदिर में पुन: विराजमान होंगे.