प्रयागराज के माघ मेले में बसंत पंचमी के बाद साधु-संतों की विदाई का सिलसिला शुरू हो गया है. इस अवसर पर दंडी बाड़ा के मछली बंदर मठ में संतों ने फूलों और गुलाल के साथ भव्य होली खेली. कर्नल महीम शर्मा ने बताया कि 'यह बहुत सालों से चली आ रही एक ट्रेडिशन का पाठ है जिसके तहत एक यात्रा निकलती है माघ के समय में ओडी फोर्ट से लेकर गंगा नदी पर और गंगा जी पर आकर गंगा जी की पूजा की जाती है.' मेले में आयुध भंडार (OD Fort) द्वारा 1960 के दशक से चली आ रही ध्वज निशान अर्पण की परंपरा निभाई गई.