राजस्थान के जैसलमेर में भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन ब्रह्मास्त्र' के जरिए अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन किया है. इस युद्धाभ्यास में अमेरिकी निर्मित अपाचे (Apache AH-64E) हेलीकॉप्टर और स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर 'प्रचंड' ने हिस्सा लिया. पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में अपाचे से घातक 'हेलफायर' (Hellfire) मिसाइलें दागी गईं, जिन्होंने सटीक निशाने के साथ दुश्मन के टैंकों को ध्वस्त कर दिया. अपाचे को 'हवा का टैंक' कहा जाता है, जो 365 किमी/घंटा की रफ्तार से हमला करने में सक्षम है. वहीं, स्वदेशी 'प्रचंड' दुनिया का एकमात्र ऐसा हेलीकॉप्टर है जो सियाचिन जैसी अत्यधिक ऊंचाई पर लैंडिंग और टेक-ऑफ कर सकता है. सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने खुद बेंगलुरु में प्रचंड में उड़ान भरकर इसकी स्वदेशी तकनीक पर भरोसा जताया. इस युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य आधुनिक युद्ध में पायलटों और ग्राउंड क्रू के बीच तालमेल को परखना और दुश्मन को कड़ा संदेश देना था.