पुरी की रथयात्रा अपने अंतिम चरण में है. 24 जुलाई को गुंडिचा मंदिर से बाहुड़ा यात्रा शुरू होगी और तीनों रथ श्रीमंदिर की ओर लौटेंगे. इससे पहले दक्षिण मोड़ा परंपरा के तहत नंदीघोष, तालध्वज और दर्पदलन रथों की दिशा बदली गई. पहियों और अन्य हिस्सों की जांच तथा मरम्मत पूरी की गई है. बाहुड़ा यात्रा के दौरान करीब पंद्रह सौ पुलिसकर्मी, बचाव दल, जल व्यवस्था और चिकित्सा टीमें तैनात रहेंगी. यात्रा पहंडी रस्म से शुरू होगी और मौसी मां मंदिर में पड़ाव के बाद श्रीमंदिर पहुंचेगी. दूसरी ओर, लगातार बारिश के कारण वैष्णो देवी यात्रा और अमरनाथ यात्रा रोकी गई है. कटरा, जम्मू और आधार शिविरों में श्रद्धालु मौसम सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं. प्रशासन ने यात्रियों के ठहरने, भोजन, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की है. सुरक्षित रास्ते की पुष्टि के बाद यात्राएं दोबारा शुरू की जाएंगी.