पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के रथ नंदीघोष, तालध्वज और दर्पदलन को मुख्य द्वार यानी सिंह द्वार पर लाया गया है. यात्रा से पहले आज्ञामाल की रस्म निभाई गई, जिसमें भगवान से यात्रा की अनुमति ली जाती है. लाखों की संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंच चुके हैं. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं. पूरे शहर में 450 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और 13 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों के साथ एनएसजी कमांडो की तैनाती की गई है. इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 1700 से ज्यादा बायो टॉयलेट और मेडिकल टीमें भी मौजूद हैं. रथ की रस्सियों और घोड़ों का विशेष धार्मिक महत्व है, जो सत्य, शांति और मोक्ष का संदेश देते हैं. कल सुबह मंगला आरती और भोग के बाद भगवान रथ पर विराजमान होंगे और नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे.