रक्षाबंधन के पावन पर्व पर इस बार भद्रा काल और चंद्रग्रहण को लेकर बनी दुविधा दूर हो गई है. ज्योतिषियों और जानकारों के अनुसार, 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन भद्रा काल का साया नहीं रहेगा क्योंकि भद्रा 27 अगस्त की रात में ही समाप्त हो जाएगी. वहीं, लगने वाला चंद्रग्रहण भारत में दृश्य न होने के कारण इसका धार्मिक दृष्टिकोण से कोई सूतक मान्य नहीं होगा. इसलिए बहनें पूरे दिन शुभ चौघड़िया और मुहूर्त में अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध सकती हैं. देश भर में त्यौहार को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है. काशी की प्रसिद्ध गुलाबी मीनाकारी राखियों की मांग अमेरिका, स्पेन और ऑस्ट्रेलिया तक है, तो वहीं गाजियाबाद जेल में बंदियों द्वारा तैयार की गई राखियां भी मिसाल पेश कर रही हैं. इसके अलावा उदयपुर में सोने और डायमंड की बेहद सूक्ष्म राखी बनाई गई है. सरहद पर छात्राओं और बहनों ने BSF तथा सेना के जवानों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना की.