उज्जैन के महाकालेश्वर धाम में शिव नवरात्रि के छठे दिन भगवान महाकाल का भव्य 'होलकर श्रृंगार' किया गया. इस विशेष अवसर पर बाबा महाकाल को होलकर स्टेट का ऐतिहासिक चांदी का मुखौटा और पगड़ी पहनाई गई, जिसे देखने के लिए देशभर से श्रद्धालु उमड़े. रिपोर्ट के अनुसार, महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शिवजी को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न द्रव्यों से अभिषेक का महत्व है. गंगाजल से अभिषेक मानसिक शांति प्रदान करता है, जबकि दूध से चंद्रमा के दोष दूर होते हैं. दही से लक्ष्मी कृपा और घी से बुद्धि में वृद्धि की मान्यता है. इसके साथ ही, जूनागढ़ के भवनाथ में मिनी कुंभ और अलवर के त्रिपुलेश्वर मंदिर में 300 वर्षों से जल रही अखंड ज्योति की महिमा का भी वर्णन किया गया है. काशी विश्वनाथ धाम में चार दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव 'शिवार्चन' की शुरुआत हो चुकी है.