भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मना रहा है, जिसकी मुख्य थीम 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ पर आधारित है. कर्तव्य पथ पर आयोजित इस भव्य परेड में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ध्वजारोहण कर सलामी लेंगी. इस वर्ष यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हैं. परेड में पहली बार 'भैरव' लाइट कमांडो बटालियन, बैक्टीरियन ऊंट और जस्कर टट्टू अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे. रक्षा विशेषज्ञ सुमित चौधरी के अनुसार, यह समारोह भारत की ऑपरेशनल कैपेबिलिटीज और सैन्य आधुनिकीकरण का प्रदर्शन है. वायुसेना के राफेल, सुखोई-30 और जगुआर विमान फ्लाईपास्ट के दौरान 'ऑपरेशन सिंदूर' फॉर्मेशन के साथ पराक्रम दिखाएंगे. आत्मनिर्भर भारत को दर्शाती 30 झांकियां और समाज के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व इस आयोजन की विशेषता है.