प्रयागराज के माघ मेले में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर त्रिवेणी संगम तट पर श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ा. इस दौरान स्वर्ण आभूषणों से सुसज्जित 'गोल्डन बाबा' विशेष आकर्षण का केंद्र रहे, जिन्होंने 4 फरवरी 2024 से चांदी के जूते त्याग कर नंगे पैर देश के 28 राज्यों की परिक्रमा करने का संकल्प लिया है. संगम तट पर प्रसिद्ध साधु मौनी बाबा ने भी दंडवत करते हुए पवित्र डुबकी लगाई और राष्ट्र गौरव व आतंकवाद की समाप्ति की प्रार्थना की. ज्योतिषीय दृष्टि से इस दिन गजकेसरी योग, राजयोग, रवि योग और बुद्धादित्य योग का अद्भुत संयोग रहा. प्रयागराज के साथ-साथ हरिद्वार और वाराणसी के घाटों पर भी श्रद्धालुओं ने स्नान-दान किया. आचार्य राज मिश्रा और स्वामी नारदानंद ने माता सरस्वती के अवतरण और आध्यात्मिक लाभों पर प्रकाश डाला. प्रशासन द्वारा सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के कड़े इंतजाम किए गए. विभिन्न राशियों के जातकों के लिए विशेष पूजा विधियों का उल्लेख भी किया गया है.