सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के दुर्लभ संयोग पर देशभर के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. वाराणसी के काशी विश्वनाथ धाम, उज्जैन के महाकालेश्वर, देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर और सोमनाथ धाम में सुबह से ही भक्तों ने जलाभिषेक और पूजा-अर्चना की. उज्जैन स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट साल में केवल एक बार नाग पंचमी पर 24 घंटे के लिए खोले गए, जहां दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंचे. प्रयागराज के नाग वासुकी, अयोध्या के नागेश्वरनाथ, गाजियाबाद के दुधेश्वरनाथ और लखनऊ के मनकामेश्वर मंदिर में भी जलाभिषेक किया गया. महाराष्ट्र के अकोला में कांवड़ियों ने पूर्णा नदी से जल लाकर राजराजेश्वर मंदिर में अर्पण किया, वहीं बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित गरीबनाथ धाम और पश्चिम बंगाल के आसनसोल से कांवड़ यात्राएं निकलीं. इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर के पुंछ में वार्षिक बूढ़ा अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ हुआ और त्रिशूल यात्रा निकाली गई. काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने क्राउड मैनेजमेंट, नो-व्हीकल जोन और पेयजल की विशेष व्यवस्था की. मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में मानसूनी बारिश का पूर्वानुमान जताया है.