सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों में बढ़ते मानसिक तनाव और भविष्य की चिंताओं पर केंद्रित इस विशेष चर्चा में शिक्षाविदों और मनोवैज्ञानिकों ने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए हैं. सीबीएसई ने छात्रों और अभिभावकों की सहायता के लिए फ्री टेली-काउंसलिंग और ईमेल सेवा शुरू की है. हेल्पलाइन काउंसलर डॉ. नेहा शर्मा और विशेषज्ञों के अनुसार, कम अंक आने पर बच्चों की तुलना दूसरों से करना उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. अब दिल्ली यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों में प्रवेश के लिए CUET की सुविधा उपलब्ध है, जिससे बोर्ड के अंकों का दबाव कम हुआ है. नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत विषयों के चयन में लचीलापन और स्किल डेवलपमेंट, वोकेशनल कोर्सेज व आईटी जैसे क्षेत्रों में करियर के अनेक विकल्प मौजूद हैं. विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी भी मांग सकते हैं. अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे केवल अंकों के आधार पर स्ट्रीम तय करने के बजाय बच्चों की रुचि और जुनून को प्राथमिकता दें.