होली के दिन साल का पहला चंद्रग्रहण एक दुर्लभ खगोलीय घटना है, जो ज्योतिष के अनुसार लगभग 100 वर्षों बाद फाल्गुन पूर्णिमा पर घटित हो रही है. यह चंद्रग्रहण भारत में आंशिक रूप से लगभग 27 मिनट तक दृश्यमान रहेगा. ग्रहण काल के दौरान बुधादित्य, शुक्र आदित्य और मालव्य जैसे शुभ योगों का भी निर्माण हो रहा है. ज्योतिषियों के अनुसार, इस ग्रहण का प्रभाव अगले 45 दिनों तक रह सकता है, जिससे वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, विशेषकर मिडिल ईस्ट में, और आर्थिक क्षेत्रों जैसे शेयर बाजार, कच्चा तेल, सोना और तांबे की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. इस अवधि में मंत्र जाप, ध्यान और दान का विशेष महत्व बताया गया है. यह ग्रहण सभी 12 राशियों पर भिन्न-भिन्न प्रभाव डालेगा, जिसके लिए उपाय भी सुझाए गए हैं.