दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम का मिजाज बदल गया है. भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी के साथ मैदानी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है. विशेषज्ञों ने बताया कि 3 अप्रैल से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे अप्रैल के पहले सप्ताह में भीषण गर्मी से राहत मिलेगी. हालांकि, यह बेमौसम बारिश कृषि क्षेत्र के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है. इस विशेष चर्चा में डॉ. गुफरान बेग और डॉ. गुरुदत्त मिश्रा ने जलवायु परिवर्तन, अल नीनो और ला नीना के प्रभावों पर विस्तृत जानकारी दी है. विशेषज्ञों के अनुसार, अप्रैल के अंतिम हफ्तों में तापमान में भारी वृद्धि होने की आशंका है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बदलते मौसम में 'सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर' और कम होती रोग प्रतिरोधक क्षमता के प्रति आगाह करते हुए योग और सादा भोजन अपनाने की सलाह दी है. पर्यावरण संरक्षण के लिए विशेषज्ञों ने ट्रैफिक सिग्नल पर इंजन बंद करने और जल संरक्षण जैसे उपायों को जीवनशैली में शामिल करने पर जोर दिया है.