Ye Hui Na Baat | शारदीय नवरात्रि में दुर्गा अष्टमी और नवमी तिथि को लेकर ज्योतिषियों ने उदया तिथि के आधार पर नियम स्पष्ट किए हैं. धर्मशास्त्रों और निर्णय सिंधु के अनुसार 18 अक्टूबर को सूर्योदय के समय सप्तमी होने के कारण महाष्टमी का कन्या पूजन 19 अक्टूबर को करना शास्त्रसम्मत बताया गया है. इस दिन ब्रह्म मुहूर्त, अमृत काल और अभिजित मुहूर्त में पूजन के योग हैं. नवमी व्रत रखने वाले श्रद्धालु 20 अक्टूबर को पूजन कर सकते हैं, जबकि सामान्य गृहस्थ 19 अक्टूबर को अष्टमी और नवमी का कन्या पूजन कर सकते हैं। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार कन्या पूजन में 1, 3, 5, 7 या 9 कन्याओं को बैठाने का विधान है. कन्याओं की अनुपलब्धता पर नौ थालियां निकालकर भी आराधना की जा सकती है. कन्याओं को हलवा-पूरी, चना, नारियल, फल और उपहार देने का नियम है.