उत्तर भारत में फरवरी के अंत तक तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना है. मौसम वैज्ञानिक परेश गोस्वामी के अनुसार, प्रशांत महासागर में अल नीनो के सक्रिय होने से इस साल भीषण लू (हीटवेव) के 6 से 7 राउंड आ सकते हैं, जिससे पारा नया रिकॉर्ड बना सकता है. फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में अरब सागर में पहला साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने से गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में कोहरा और हल्की बारिश के आसार हैं. विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन और कंक्रीट के बढ़ते निर्माण को इस बेमौसम गर्मी का मुख्य कारण बताया है. पहाड़ों पर बर्फबारी की कमी और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण मार्च में ही तापमान 40 डिग्री के पार जा सकता है. इस पर्यावरणीय बदलाव का सीधा असर गेहूं और जौ की फसलों की पैदावार पर पड़ेगा. डॉक्टर मोहसन वली ने आगाह किया है कि अचानक बदलते मौसम से फ्लू और निमोनिया का खतरा बढ़ गया है. पर्यावरणविदों ने जल स्रोतों और वेटलैंड्स के संरक्षण को अनिवार्य बताया है.