गुड न्यूज टुडे के विशेष कार्यक्रम में ज्योतिषाचार्यों ने महाशिवरात्रि 2026 और आगामी सूर्य ग्रहण के ज्योतिषीय महत्व पर विस्तृत चर्चा की. इस वर्ष महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी, जिसमें चतुर्ग्रही, सर्वार्थ सिद्धि और बुधादित्य सहित आठ दुर्लभ योग बन रहे हैं. इसके ठीक बाद 17 फरवरी को कणाकृति सूर्य ग्रहण लगेगा, जो भारत में दिखाई नहीं देने के कारण यहाँ सूतक काल मान्य नहीं होगा. विशेषज्ञों ने चार प्रहर की पूजा का महत्व बताते हुए प्रथम प्रहर का समय शाम 6:11 बजे से बताया है. कार्यक्रम में मेष से मीन तक सभी राशियों पर ग्रहण के प्रभाव और उपायों की जानकारी दी गई. स्वास्थ्य लाभ के लिए शिवलिंग पर शहद और आर्थिक उन्नति के लिए 108 अक्षत अर्पित करने की सलाह दी गई है. ज्योतिषाचार्यों ने स्पष्ट किया कि ग्रहण के दौरान 'ओम घृणि सूर्याय नमः' का जाप और शिवरात्रि पर दूध का दान नकारात्मक प्रभावों को दूर करने में सहायक होगा. भक्तों को इस पर्व पर विशेष अभिषेक और दान-पुण्य करने का सुझाव दिया गया है.