चैत्र नवरात्र के अवसर पर गुड न्यूज टुडे के विशेष कार्यक्रम में ज्योतिष आचार्यों और डायटीशियन ने उपवास के आध्यात्मिक और वैज्ञानिक लाभों पर विस्तृत चर्चा की. ज्योतिषाचार्य अरविंद शुक्ला, वाणी आर्या और श्रुति खरबंदा के अनुसार, व्रत का अर्थ केवल अन्न त्यागना नहीं बल्कि ईश्वर के निकट रहकर मानसिक शुद्धि, धैर्य और आत्म-अनुशासन विकसित करना है. दुर्गा सप्तशती के अनुसार निराहार रहकर आराधना करने से शरीर ऊर्जावान होता है और सात्विक भोजन से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. डायटीशियन गीतिका चोपड़ा ने स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से बताया कि नौ दिन के उपवास से शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं, पाचन तंत्र सुधरता है और इम्यूनिटी बढ़ती है. आहार में राजगीरा, कुट्टू, मखाना, पनीर और दही जैसे पोषक तत्वों को शामिल करने की सलाह दी गई है. विशेषज्ञों ने खाली पेट चाय-कॉफी के स्थान पर नारियल पानी और नींबू पानी से हाइड्रेशन बनाए रखने पर जोर दिया. संतुलित व्रत की थाली में कॉम्प्लेक्स कार्ब्स, प्रोटीन और फाइबर का सही मिश्रण होना अनिवार्य है.