चैत्र नवरात्रि के दौरान दुर्गा अष्टमी और राम नवमी की तिथि को लेकर बने असमंजस पर ज्योतिषियों ने स्पष्टीकरण दिया है. पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि 26 मार्च को सुबह 11:48 बजे समाप्त होगी, जिसके तुरंत बाद नवमी तिथि लग जाएगी जो 27 मार्च सुबह 10:06 तक रहेगी. ज्योतिषियों का मत है कि गृहस्थों के लिए 26 मार्च को राम नवमी मनाना उत्तम है, क्योंकि इस दिन भगवान राम के जन्म का कर्क लग्न और गज केसरी जैसे शुभ योग बन रहे हैं. वहीं, वैष्णव समाज, साधु-संत और अयोध्या के मठ-मंदिर उदया तिथि के अनुसार 27 मार्च को राम जन्मोत्सव मनाएंगे. अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि परिसर में 27 मार्च को दोपहर 12 बजे मुख्य उत्सव होगा, जिसमें वैज्ञानिक तकनीक द्वारा रामलला का सूर्य तिलक किया जाएगा. इस अवसर पर कन्या पूजन का भी विशेष महत्व है और अयोध्या में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं.