साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण फाल्गुनी अमावस्या के दिन कुंभ राशि में लग रहा है. पूर्व इसरो वैज्ञानिक मनीष पुरोहित के अनुसार यह एक दुर्लभ खगोलीय घटना है, जिसमें चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक पाने के कारण 'रिंग ऑफ फायर' का निर्माण होगा. 64 साल बाद बन रहे इस दुर्लभ योग में कुंभ राशि में सूर्य, शुक्र, राहु, चंद्रमा और बुध एक साथ गोचर कर रहे हैं. हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, जिससे यहाँ सूतक काल मान्य नहीं होगा. ज्योतिषियों के अनुसार इस ग्रहण का प्रभाव वैश्विक राजनीति, शेयर बाजार और सोने की कीमतों पर पड़ेगा. विशेषज्ञों ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कुंडली और अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं में उतार-चढ़ाव की संभावना जताई है. वैज्ञानिक दृष्टि से 'सोलर मैक्सिमा' वर्ष होने के कारण सैटेलाइट्स और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर असर पड़ सकता है. मेष, वृष, कन्या और धनु राशि के लिए यह समय शुभ बताया गया है, जबकि कुंभ और सिंह राशि वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.