खरमास की समाप्ति और सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के साथ ही देश भर में मांगलिक कार्यों पर लगा प्रतिबंध हट गया है. अब विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश और नई संपत्ति की खरीदारी जैसे शुभ कार्यों की शुरुआत हो चुकी है. अप्रैल और मई के महीनों में विवाह के लिए कई विशेष मुहूर्त उपलब्ध हैं, जिनमें 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया का अबूझ मुहूर्त प्रमुख है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, शुक्र का वृषभ राशि में गोचर वैभव योग का निर्माण कर रहा है, जबकि बुध द्वारा बुधादित्य राजयोग और शनि के मार्गी होने से व्यापारिक बाधाएं दूर होंगी. मई और जून में सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि और गुरु पुष्य जैसे दुर्लभ योग बन रहे हैं. यह समय मेष, वृषभ, मिथुन और तुला राशि के जातकों के लिए सकारात्मक रहेगा, हालांकि सिंह और कुंभ राशि वालों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है. वैवाहिक बाधाओं को दूर करने के लिए सूर्य उपासना और चांदी का हाथी रखने जैसे उपाय बताए गए हैं. 15 जून से अधिक मास के कारण विवाह कार्यों पर पुनः विराम लगेगा.