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Anupriya Yadav Chess: 6 साल की उम्र में शतरंज में बादशाहत! वर्ल्ड रैंकिंग में हासिल किया पहला स्थान

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की 6 साल की अनुप्रिया यादव दुनिया की नंबर वन खिलाड़ी बनी हैं. अनुप्रिया क्लास 2 में पढ़ती हैं. उनको 1307 अंक मिले हैं. उन्होंने फ्रांस और इंग्लैंड जैसे देशों के खिलाड़ियों को पीछे छोड़ दिया है.

प्रयागराज की अनुप्रिया यादव शतरंज में दुनिया में नंबर वन बनी हैं
gnttv.com
  • प्रयागराज, यूपी,
  • 12 जून 2023,
  • अपडेटेड 2:18 PM IST

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की 6 साल की बेटी ने शतरंज में नंबर वन बन गई है. इंटरनेशनल चेस फेडरेशन जून महीने की रैंकिंग जारी की है. जिसमें अनुप्रिया यादव ने पहला स्थान हासिल किया है. अनुप्रिया को ये रैंकिंग अंडर-7 बालिका वर्ग में मिला है. अनुप्रिया को 1307 अंक मिले हैं.

6 साल की बेटी का कमाल-
अनुप्रिया यादव सिर्फ 6 साल की है और क्लास 2 में पढ़ती है. जिस उम्र में बच्चे खिलौनों से खेलते हैं, उस उम्र में अनुप्रिया दुनिया में सफलता के झंडे गाड़ रही है. अनुप्रिया के टैलेंट को देखकर दिग्गज भी हैरान हैं. प्रयागराज की बेटी ने इस रैंकिंग में फ्रांस, इंग्लैंड जैसे देशों के खिलाड़ियों को पीछे छोड़ दिया है. वर्ल्ड रैकिंग में दूसरे नंबर पर फ्रांस की बुनी है. तो तीसरे नंबर पर बांग्लादेश की वारिसा और चौथे नंबर पर इंग्लैंड की नूवी हैं. अनुप्रिया यादव दुनिया के दिग्गज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद को अपना आदर्श मानती हैं और उनकी तरह ग्रैंड मास्टर बनना चाहती हैं.

माता-पिता दोनों टीचर-
अनुप्रिया की मां सरस्वती सरकारी स्कूल की टीचर हैं. जबकि पिता शिव शंकर यादव प्राइवेट कोचिंग चलाते हैं. अनुप्रिया की बड़ी बहन प्रिया यादव भी शतरंज खेलती हैं. उन्होंने कई खिताब अपने नाम किए. अपनी बड़ी बहन को देखकर अनुप्रिया ने शतरंज खेलना सीखा.
अनुप्रिया यादव का परिवार प्रयागराज में यमुनापार इलाके में नैनी में रहता है. अनुप्रिया बेथनी कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ती है. अनुप्रिया ने स्कूल के कई शतरंज टूर्नामेंट में हिस्सा लिया है. अनुप्रिया के माता-पिता इस प्रदर्शन से काफी खुश हैं. 

स्कूल में अनुप्रिया का स्वागत-
चेस वर्ल्ड रैंकिंग में प्रथम स्थान पाने पर अनुप्रिया का स्कूल की तरफ से स्वागत किया गया. स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर डॉक्टर शमिता का कहना है कि स्कूल की ओर से भी अनुप्रिया को पूरी मदद की जाएगी, ताकि वह अपने खेल को और निखार सके और देश और प्रदेश का नाम इसी तरह से रोशन कर सके. इसके अलावा स्कूल की ओर से अनुप्रिया को स्कॉलरशिप भी दिया जाएगा. अनुप्रिया के माता-पिता चाहते हैं कि जल्द से जल्द दोनों बेटियां चेस की ग्रैंड मास्टर बने.

(प्रयागराज से आनंद राज की रिपोर्ट)

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