7 साल की बच्ची ने नेपाल में फहराया तिरंगा, इंटरनेशनल स्केटिंग में जीता गोल्ड, अब खिलाड़ी की नजर एशियाड आयोजन पर

सहारनपुर की बेटियां लगातार खेलों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं. इसी कड़ी में 7 वर्षीय अनुशी सिरोही ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार उपलब्धि हासिल कर सहारनपुर ही नहीं, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है. कक्षा एक में पढ़ने वाली अनुशी ने नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित इंडो-नेपाल अंतरराष्ट्रीय स्पीड स्केटिंग चैंपियनशिप में अंडर-7 वर्ग की 800 मीटर स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर तिरंगा लहराया. नन्ही उम्र में मिली इस बड़ी सफलता से गांव नगला समेत पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है.

7 वर्षीय अनुशी सिरोही ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्केटिंग में जिता गोल्ड
राहुल कुमार
  • सहारनपुर ,
  • 26 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:26 AM IST

अनुशी ने करीब एक वर्ष पहले अपने पिता अनुज कुमार की प्रेरणा से स्केटिंग की शुरुआत की थी. खेल-खेल में शुरू हुआ यह सफर जल्द ही उपलब्धियों में बदल गया. पहले उसने जिला स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया, फिर राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीता और उसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया. लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर उसे नेपाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला, जहां उसने गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा दिया.

गांव पहुंचते ही हुआ भव्य स्वागत
नेपाल से स्वर्ण पदक जीतकर जैसे ही अनुशी अपने गांव नगला पहुंची, उसे बधाई देने वालों का तांता लग गया. ग्रामीणों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने उसका जोरदार स्वागत किया और सम्मानित कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं. अनुशी ने बताया कि उसे स्केटिंग करना बेहद पसंद है. वह पिछले एक साल से लगातार अभ्यास कर रही है. इससे पहले मेरठ में आयोजित प्रतियोगिताओं में भी दो बार गोल्ड मेडल जीत चुकी है. अब नेपाल से गोल्ड जीतकर लौटना उसके लिए बेहद खुशी की बात है. उसने कहा कि जब भी वह जीतकर घर आती है तो मम्मी-पापा उसे आशीर्वाद देते हैं. उसका सपना आगे एशियाई प्रतियोगिताओं में भी गोल्ड मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन करना है.

परिवार ने दिया हर कदम पर साथ
अनुशी की मां शिखा ने बेटी की उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि परिवार ने शुरू से ही उसे खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्होंने बताया कि पहले यह तय किया गया कि अनुशी को किसी भारतीय खेल से जोड़ा जाए, जिसके बाद उसके पिता ने उसे स्केटिंग सिखाने का फैसला लिया. आज बेटी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर लौटी है, जिस पर पूरे परिवार को गर्व है. उन्होंने कहा कि सभी बेटियों को आगे बढ़ने और पढ़ने का अवसर मिलना चाहिए, क्योंकि वे हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं.

पिता बोले- पूरे गांव में जश्न का माहौल
अनुशी के पिता अनुज कुमार ने बताया कि उनकी बेटी ने इंडो-नेपाल स्केटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर परिवार और जिले का नाम रोशन किया है. वह करीब डेढ़ साल से स्केटिंग सीख रही है और इससे पहले भी कई प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीत चुकी है. उन्होंने कहा कि जब बच्चों का रुझान किसी खेल की ओर होता है और वे लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो माता-पिता के लिए इससे बड़ी खुशी कोई नहीं होती. परिवार लगातार उसकी प्रैक्टिस में सहयोग कर रहा है. फिलहाल वह पहली कक्षा में पढ़ती है और महज 7 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी है. बेटी की इस सफलता से पूरे गांव में जश्न का माहौल है. अब अगले एशियाई खेलों को ध्यान में रखकर उसकी तैयारी कराई जाएगी.

कोच को एशियाई और विश्व स्तर पर पदक की उम्मीद
अनुशी के कोच रवि शरन ने बताया कि वह बेहद होनहार खिलाड़ी है. पिछले एक साल से वह नियमित रूप से रोजाना कड़ी मेहनत के साथ अभ्यास कर रही है. उसकी टाइमिंग और तकनीक पर लगातार काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतना बड़ी उपलब्धि है. उन्हें पूरा विश्वास है कि अनुशी आने वाले समय में एशियाई और विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी पदक जीतकर सहारनपुर और भारत का नाम रोशन करेगी. उनका लक्ष्य बच्चों को बेहतर प्रशिक्षण देकर विश्व चैंपियनशिप तक पहुंचाना है.
 

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