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Commonwealth Games 2022: बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में 215 भारतीय खिलाड़ी आजमाएंगे किस्मत, इतिहास से लेकर अब तक सबकुछ जानिए

Birmingham Commonwealth Games: कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 का आयोजन इंग्लैंड के बर्मिंघम में होगा. इस बार गेम्स 28 जुलाई से 8 अगस्त तक चलेगा. इस दौरान 215 भारतीय खिलाड़ी अपनी किस्मत आजमाएंगे.

Birmingham Commonwealth Games 2022
शशिकांत सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 08 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 11:10 AM IST
  • 28 जुलाई से 8 अगस्त से होगा आयोजन
  • इंग्लैंड के बर्मिंघल में होगा गेम्स का आयोजन
  • पहली बार होगा महिला टी-20 क्रिकेट

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 की शुरुआत इंग्लैंड के बर्मिंघम में 28 जुलाई से होनी है. इसमें भारत के 215 खिलाड़ी शिरकत करेंगे. जिसमें 108 पुरुष और 107 महिला खिलाड़ी होंगी. 3 जनरल मैनेजर के साथ 72 सहयोगी स्टाफ का दल भी इंग्लैंड जाएगा. इसके अलावा 26 ऐसे सपोर्ट स्टाफ भी कॉमनवेल्थ गेम्स भेजा जाएगा, जिनको एथलीटों की मांग पर शामिल किया गया है. भारतीय खिलाड़ी 16 खेलों में हिस्सा लेंगे. कॉमनवेल्थ गेम्स 8 अगस्त तक चलेगा.

नीरज चोपड़ा हो सकते हैं ध्वजवाहक-
ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ओपनिंग सेरेमनी में ध्वजवाहक हो सकते हैं. भारतीय मुक्केबाज संघ से उपाध्यक्ष राजेश भंडारी को कॉमनवेल्थ गेम्स का चेफ डि मिशन चुना गया है. खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने भारतीय खिलाड़ियों के लिए जर्सी लॉन्च की.

गोल्ड मेडल पर 20 लाख का इनाम-
भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन ने कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले को 20 लाख रुपए का इनाम देने का ऐलान किया है. जबकि सिल्वर मेडल जीतने पर 10 लाख रुपए और ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर 7.5 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा. 

कॉमनवेल्थ गेम्स में महिला क्रिकेट शामिल-
2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में महिला क्रिकेट को शामिल किया गया है. राष्ट्रमंडल खेलों में महिला क्रिकेट टी-20 फॉर्मेट में खेला जाएगा. इससे पहले आखिरी बार 1998 में कुआलालंपुर कॉमनवेल्थ गेम्स में क्रिकेट खेला गया था. उस वक्त 50 ओवर का मैच खेला गया था, जिसमें पुरुष टीम ने हिस्सा लिया था.

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में इवेंट-
इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में 72 देश हिस्सा ले रहे हैं. 19 खेलों में 283 मेडल इवेंट हैं. जिसमें 4500 एथलीट हिस्सा लेंगे. 24 साल बाद कॉमनवेल्थ गेम्स में क्रिकेट की इंट्री हुई है. 29 जुलाई को भारत और ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट टीम आपस में खेलेंगी.

बर्मिंघम के लिए भारतीय टीम-
भारत 37 सदस्यीय एथलेटिक्स टीम बर्मिंघम भेज रहा है. जिसमें नीरज चोपड़ा, दुती चंद, हिमा दास, संदीप कुमार, मनप्रीत कौर, नवजीत कौर ढिल्लो, मंजूबाला सिंह, सरिता रोमित सिंह जैसे खिलाड़ी शामिल हैं. भारत 10 बैडमिंटन खिलाड़ियों की टीम भी इंग्लैंड भेज रहा है. जिसमें पीवी सिंधु, आकाश कश्यप, अश्विनी पोनप्पा, लक्ष्य सेन, श्रीकांत शामिल हैं. इसके अलावा बॉक्सिंग के अमित पंघल, सागर, लवलीन, जैस्मीन समेत 12 खिलाड़ी जाएंगे. महिला क्रिकेट और हॉकी टीम के अलावा तैराकी में कुशाग्र रावत, साजन प्रकाश, नटराज और अद्वैत पेज इंग्लैंड जाएंगे. टेबल टेनिस टीम में 4 पुरुष और 4 महिला खिलाड़ियों की टीम जा रही है. वेटलिफ्टिंग में 12 सदस्यीय टीम इंग्लैंड जाएगी. रेसलिंग में विनेश फोगाट, रवि दहिया, दीपक पूनिया, साक्षी मलिक समेत 12 खिलाड़ी भाग्य आजमाएंगे.

CWG में अब तक भारत-
साल 1930, 1950, 1962 और 1986 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने हिस्सा नहीं लिया. 1938 और 1954 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने कोई मेडल नहीं जीता. 1934 कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार भारत ने हिस्सा लिया था. भारत की तरफ से एक मात्र मेडल राशिद अनवर ने कांस्य पदक जीता था. साल 1958 में वेल्स राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने पहली बार गोल्ड मेडल जीता. मिल्खा सिंह ने 440 गज की दौड़ में रिकॉर्ड बनाया. जबकि कुश्ती में लीला राम ने गोल्ड मेडल जीता.
साल 1966 के जमैका कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 12 मेडल जीते. जिसमें 5 गोल्ड मेडल शामिल है. साल 1974 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 15 मेडल अपने नाम किए. 1978 में कनाडा में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने 5 गोल्ड मेडल समेत 15 मेडल जीते. साल 1982 में ब्रिसबेन गेम्स में भारत ने 16 मेडल जीते. जिसमें 5 गोल्ड मेडल और 8 सिल्वर मेडल शामिल थे. 1990 में न्यूजीलैंड में राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन हुआ. जिसमें भारत ने भारोत्तोलन में 5 मेडल जीते थे. साल 1998 कुआलालंपुर कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत 25 मेडल जीते. जिसमें 7 गोल्ड मेडल शामिल थे. 2002 गेम्स में भारत के पदकों की संख्या 69 पहुंच गई. जबकि 2006 में भारत ने 22 गोल्ड के साथ 49 मेडल जीते.

2010 में भारत का शानदार प्रदर्शन-
साल 2018 में कॉमनवेल्थ गेम्स ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में आयोजित हुए थे. जिसमें भारत ने शानदार प्रदर्शन किया था. भारत ने 66 मेडल जीते थे. जिसमें 26 गोल्ड मेडल और 20-20 सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल थे. भारत ने 90 फीसदी मेडल बैडमिंटन, बॉक्सिंग, शूटिंग, टेबल टेनिस, वेटलिफ्टिंग और रेसलिंग में जीते. मेडल जीतने के मामले में भारत के लिए सबसे सफल साल 2010 का दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स रहा. जिसमें भारत ने 110 मेडल जीते थे. साल 2014 में ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजित हुए. जिसमें भारत ने 64 मेडल हासिल किए. जिसमें 15 गोल्ड, 30 सिल्वर और 19 ब्रॉन्ज मेडल रहा.

कॉमनवेल्थ गेम्स क्या है-
राष्ट्रमंडल खेल में कई खेल एक साथ खेले जाते हैं. जिसमें कई देश हिस्सा लेते हैं. इसका आयोजन हर चार साल में एक बार होता है. इसमें वो सभी खेल होते हैं, जो ओलंपिक में खेले जाते हैं. राष्ट्रमंडल खेलों का संचालन राष्ट्रमंडल खेल संघ करता है. राष्ट्रमंडल खेलों में वे सभी 53 देश शामिल हैं, जो कभी ब्रिटिश औपनिवेशिक व्यवस्था के हिस्सा थे. कॉमनवेल्थ गेम्स में हर बार आयोजन करने वाला देश प्रतीक चुनता है. भारत ने 2010 में शेरा को प्रतीक चुना था. 

कॉमनवेल्थ गेम्स का इतिहास-
राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन का विचार एक भारतीय एथली कपूर का था. वो खेल आयोजन को आपसी शांति और सौहार्द्र के लिए ठीक मानते थे. साल 1928 में बॉबी रॉबिंसन को राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई. साल 1930 में कनाडा के हेमिल्टन में पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजित किए गए. जिसमें 11 देशों के 400 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था. कॉमनवेल्थ गेम्स के नाम में 4 बार बदलाव किया गया. शुरुआत में ब्रिटिश एंपायर खेल के नाम से पहचान मिली थी. लेकिन साल 1978 में इसका नाम कॉमनवेल्थ गेम्स रखा गया. साल 1998 कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार क्रिकेट, हॉकी और नेटबॉल की जोगह दी गई.

महारानी की बेटल रिले-
कॉमनवेल्थ गेम्स की एक परंपरा महारानी की बेटन रिले है. पहले इसमें ब्रिटिश झंडे का इस्तेमाल होता था. जिसे धावक महारानी के हाथों से लेकर दौड़ते थे. साल 1950 के बाद रिले की शुरुआत हुई. जिसे बर्किंघम पैलेस से धावकों का एक दल लेता है. इस रिले को हर देश में बारी-बारी से ले जाया जाता है.

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