स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से 2 अगस्त तक कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आयोजन हो रहा है. इन खेलों में भारत के खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. अब तक भारत ने 10 पदक जीत लिए हैं, जिसमें 2 स्वर्ण, 5 रजत और 3 कांस्य पदक शामिल हैं. वेटलिफ्टिंग और पैरा खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है. वहीं मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन का भी पदक पक्का हो गया है और अब उनसे स्वर्ण पदक की उम्मीद है.
बता दें कि, इस बार भारत के 122 खिलाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा ले रहे हैं. भारतीय खिलाड़ी एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग, जूडो, तैराकी, ट्रैक साइकिलिंग, जिम्नास्टिक्स और बाउल्स समेत 8 खेलों में चुनौती पेश कर रहे हैं. इसके अलावा पैरा एथलेटिक्स, पैरा पावरलिफ्टिंग, पैरा स्विमिंग, पैरा ट्रैक साइकिलिंग और व्हीलचेयर बास्केटबॉल में भी भारतीय खिलाड़ी भाग ले रहे हैं.
मीराबाई चानू ने जीता पहला गोल्ड
भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में जीता. इसके साथ ही उन्होंने लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने का रिकॉर्ड बनाया.
इन खिलाड़ियों ने दिलाए पदक
भारत का पहला पदक पैरा पावरलिफ्टर झांडू कुमार ने पुरुषों के हेवीवेट वर्ग में कांस्य जीतकर लाया. इसके बाद ऋषिकांता सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता और स्नैच में नया गेम रिकॉर्ड भी बनाया. मुथुपांडी राजा ने 65 किलोग्राम वर्ग में रजत, ज्ञानेश्वरी यादव ने 53 किलोग्राम वर्ग में रजत, बिंद्यारानी देवी ने 58 किलोग्राम वर्ग में कांस्य और वल्लुरी अजय बाबू ने 79 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता.
पैरा एथलेटिक्स में शर्मिला ढांकर ने महिलाओं की शॉटपुट एफ57 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता. वहीं शिल्पा के शायला ने इसी स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया. एथलेटिक्स में सरवेश कुशारे ने पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में रजत पदक जीता.
लवलीना का पदक पक्का
भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में बिना मुकाबला खेले सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं. बॉक्सिंग में दोनों सेमीफाइनल हारने वाले खिलाड़ियों को कांस्य पदक मिलता है. ऐसे में उनका पदक पहले ही तय हो चुका है. अब उनकी कोशिश फाइनल जीतकर भारत के लिए स्वर्ण पदक लाने की होगी. आने वाले दिनों में भारत को कई और खेलों से पदकों की उम्मीद है.
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