Advertisement

2 साल की उम्र में पोलियो, पहले पति से दूरी, 2 बेटियों के साथ मायके में संघर्ष... गोल्ड मेडल जीतने वाली शर्मिला धनखड़ की कहानी

CWG 2026 में पैरा शॉट पुट F57 इवेंट में गोल्ड मेडल हासिल करने वाली शर्मिला धनखड़ 2 साल की उम्र में पोलियो का शिकार हो गई थी. उन्होंने अपने जीवन में तमाम संघर्ष किए. पहले पति से विवाद हुआ तो घर से निकाल दी गई. इसके 2 बेटियों के साथ मायके में रहने लगी. इस दौरान उन्होंने दूसरी शादी की. इसके बाद पैरा एथलेटिक्स में कदम रखा और अब इतिहास रच दिया.

Sharmila Dhankhar
देशराज सिंह चौहान
  • महेंद्रगढ़,
  • 30 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:38 PM IST

हरियाणा के महेंद्रगढ़ की रहने वाली शर्मिला धनखड़ ने कॉमनवेल्थ गेम्स के महिला पैरा शॉट पुट F57 इवेंट में गोल्ड मेडल हासिल किया है. उन्होंने 9.81 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो किया. शर्मिला का यह सफर आसान नहीं रहा. 2 साल की उम्र में पोलियो के कारण उनका एक पैर प्रभावित हो गया. 26 साल की उम्र में पहले पति ने छोड़ दिया. इसके बाद उन्होंने दूसरी शादी की और जिंदगी की नई शुरुआत की.

2 साल की उम्र में पोलियो-
शर्मिला धनखड़ हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के छितरौली गांव की रहने वाली हैं. 2 साल की उम्र में उन्हें पोलियो हो गया, जिससे उनका एक पैर प्रभावित हो गया. उनके पिता छोटे किसान थे, जबकि मां दृष्टिबाधित हैं. आर्थिक तंगी के कारण उनका बेहतर इलाज नहीं हो सका. परिवार की परिस्थितियों के चलते कम उम्र में ही उनकी शादी कर दी गई.

26 साल की उम्र में पति ने छोड़ा-
26 साल की उम्र में पहले पति ने उन्हें घर से निकाल दिया. तब तक उनकी दो बेटियां हो चुकी थीं. इसके बाद वह दोनों बेटियों के साथ मायके लौट आईं. 28 साल की उम्र में उन्होंने अजीत से दूसरी शादी की. अखबार में पैरा एथलीट्स की खबर पढ़ने के बाद अजीत ने उन्हें पैरा एथलेटिक्स में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया और हर कदम पर उनका साथ दिया.

साल 2018 में हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान उन्हें राज्य की पहली महिला कंडक्टर के रूप में नौकरी मिली, लेकिन हड़ताल खत्म होने के बाद नौकरी चली गई. करीब 10 दिन तक बधाइयां मिलने के बाद अचानक नौकरी छिनने से उन्हें बड़ा झटका लगा. तभी उन्होंने ऐसा मुकाम हासिल करने का संकल्प लिया, जिसे कोई उनसे छीन न सके. पति अजीत के कहने पर उन्होंने पैरा एथलेटिक्स में कदम रखा. आर्थिक तंगी के चलते ट्रेनिंग का खर्च उठाने के लिए घर तक बेचना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी.

ट्रेनिंग का खर्च उठाने के लिए बेचना पड़ा घर-
शर्मिला का पैरा एथलेटिक्स का सफर आसान नहीं रहा. 34 साल की उम्र में उन्होंने रेवाड़ी में कोच टेकचंद और देवेंद्र के मार्गदर्शन में F57 कैटेगरी के सीटेड शॉट पुट की ट्रेनिंग शुरू की. आर्थिक तंगी इतनी थी कि 2023 में ट्रेनिंग का खर्च जुटाने के लिए उन्हें अपना घर तक बेचना पड़ा. इसके बाद परिवार किराए के मकान में रहने लगा, लेकिन शर्मिला ने प्रैक्टिस नहीं छोड़ी.

2022 कॉमनवेल्थ में चौथा स्थान, फिर लगातार सुधार-
इंग्लैंड के बर्मिंघम में 2022 के पैरा कॉमनवेल्थ गेम्स में शर्मिला ने शॉट पुट स्पर्धा में हिस्सा लिया और चौथे स्थान पर रहीं. इसके बाद उन्होंने लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार किया. सितंबर 2025 में दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी उन्होंने दमदार प्रदर्शन किया.

दोनों बेटियां भी स्टेट लेवल की खिलाड़ी-
शर्मिला की दोनों बेटियां भी खेलों में करियर बना रही हैं. बड़ी बेटी अनुज (17) जेवलिन थ्रो की खिलाड़ी हैं, जबकि छोटी बेटी लक्ष्मी (13) लॉन्ग जंप की प्रैक्टिस करती हैं. दोनों ही स्टेट लेवल की खिलाड़ी हैं.

ये भी पढ़ें:

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement