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Jwala Gutta Birthday: मां से विरासत में मिला बैडमिंटन, 6 साल की उम्र से खेला बैडमिंटन, जानिए भारत की सबसे सफल डबल्स शटलर स्टार की कहानी

स्टार शटलर ज्वाला गुट्टा 7 सितंबर को अपना 39वां जन्मदिन मना रही हैं. बैडमिंटन में ज्वाला का करियर काफी शानदार रहा है. ज्वाला ने अपने करियर में भारत को कई मेडल जिताए हैं. ज्वाला अपने करियर में कई विवादों से भी घिरी रहीं. हालांकि सभी विवादों को पीछे छोड़कर ज्वाला अपने करियर में आगे बढ़ती रहीं.

ज्वाला गट्टा
शताक्षी सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 06 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 11:36 PM IST
  • चीन से है ज्वाला का नाता
  • कोच ने सुधारा ज्वाला का गेम

"सम्मान होती है बेटियां, दुलार होती हैं बेटियां, चाय की चुस्की की मधुर मिठास होती है बेटियां, करें यदि कोई इनकी अपमान कभी – भी. हर ज़र्रे-ज़र्रे से निकलती वो तूफान होती हैं बेटियां." देश की बेटियां आज काफी आगे निकल रही हैं. बेटियों ने कई ऐसे मुकाम हासिल किए हैं, जिससे देश उन पर गर्व कर रहा है. उन्हीं में से एक हैं बैडमिंटन स्टार ज्वाला गुट्टा. ज्वाला अपने परिवार की पहली बेटी है. उनसे पहले उनके पापा से भाईयों के सभी बेटे ही थे, यही वजह थी कि उनके पैदा पर होने पर परिवार में कुछ खास खुशी नहीं थी, क्योंकि परिवार में सभी को बेची चाहिए थी. लेकिन ज्वाला के पिता को लोगों का ये बर्ताव पसंद नहीं था, तो उन्होंने ठान ली कि उन्हें अपनी बेटी को कुछ अलग करवाना है. ज्वाला के माता-पिता हमेशा से उन्हें स्पोर्ट्स पर्सन बनाना चाहते थे. 

चीन से है ज्वाला का नाता
ज्वाला के नाना जेंग एक चीनी पत्रकार थे, उनको भारत से काफी लगाव था. वो गांधी जी की विचारधारा में काफी ज्यादा विश्वास रखते थे. वो कई बार भारत आ चुके थे. 1937 में जब वो भारत आए तो उनकी मुलाकात महात्मा गांधी से हुई थी. एक बार ज्वाला की मां येलन भी भारत आईं. येलन का जन्म चीन में ही हुआ था, और 1977 में वो पहली बार भारत आई थीं. वो पहली बार सेवाग्राम आश्रम जाने के लिए भारत आईं थीं. जहां उन्होंने गांधी की आत्मकथा और अन्य कार्यों का चीनी भाषा में अनुवाद किया. ज्वाला गुट्टा का जन्म 7 सितंबर 1983 को वर्धा, महाराष्ट्र में हुआ था और उनका पालन-पोषण हैदराबाद, तेलंगाना में हुआ. ज्वाला के पिता, क्रांति गुट्टा, आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के पेद्दापुलिवरु के रहने वाले हैं. 

मां से विरासत में मिला बैडमिंटन
ज्वाला को बैडमिंटन की तालीम अपनी मां से विरासत में मिली थी. उनकी मां भी बैडमिंटन की खिलाड़ी थी, तो उन्होंने ज्वाला को भी बैडमिंटन सिखाया था. बहुत कम लोग ये बात जानते हैं पर शुरुआत में ज्वाला को टेनिस में रुचि थी, पर धीरे-धीरे उनका रुझान बैडमिंटन की तरफ हो गया. ज्वाला की मां येलेन ने 4 साल की उम्र से ही उन्हें बैडमिंटन सीखाना शुरू कर दिया था. ज्वाला के इस सफर में उनके पिता ने उनका बहुत साथ दिया है. ज्वाला रोजाना घर से 38 किलोमीटर दूर बैडमिंटन सीखने जाती थी. ज्वाला के पिता रोज उन्हें स्कूटर पर बैठाकर उन्हें ले जाया करते थे.

कोच ने सुधारा ज्वाला का गेम
ज्वाला के गेम को सुधारने का सबसे बड़ा श्रेय उनके कोच को जाता है. ज्वाला के कोच द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता सैयद मोहम्मद आरिफ ने ज्वाला को गेम को सुधारने के लिए तभी से कोशिश शुरु कर दी थी, जब वो ज्वाला मात्र 6 साल की थीं. उसके बाद ज्वाला बैडमिंटन की दुनिया में कदम आगे बढ़ाती रहीं, और उन्होंने फिर दोबारा कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा. ज्वाला ने कभी भी अपने कोच की मेहनत को जाया नहीं किया है. ज्वाला कहती हैं कि..."मैंने कभी भी लोगों की नकारात्मक बातों से प्रभावित होने में अपना समय बर्बाद नहीं किया है, बल्कि अपनी सारी ऊर्जा और ध्यान अपने खेल को बेहतर बनाने में लगाया है." 2006 में ज्वाला ने भारत के लिए राष्ट्रकुल में मेडल जीता था. उस वक्त ज्वाला केवल 14 साल की थीं, ये मेडल जीतने वाली ज्वाला देश की पहली महिला थीं.

ज्वाला और विवादों का साथ
ज्वाला हमेशा विवादों से घिरी रही हैं. टीम का डेकोरम न मेंटेन करने के कारण ज्वाला को टीम से निकाल दिया गया था. दरअसल ज्वाला नेशनल कोच के बजाय अपने पर्सनल कोच आरिफ से ट्रेनिंग लेना चाहती थीं. उनकी इस डिमांड को नहीं माना गया. ज्वाला का नाम मशहूर क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन से भी जोड़ा जाता है. हालांकि ज्वाला ने कभी इसको लेकर चुप्पी नहीं तोड़ी, लेकिन मीडिया में इसकी खूब चर्चा रही है. डिस्पलिन के कारण ही ज्वाला पर एक बार आजीवन प्रतिबंध का भी सामना करना पड़ा था. लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें राहत दे दी थी.

ज्वाला गुट्टा की लव स्टोरी
ज्वाला ने 2005 में अपने साथी बैडमिंटन प्लेयर चेतन आनंद से शादी की थी. इन दोनों का रिश्ता करीब 5 साल चला और फिर 2011 में दोनों ने तलाक ले लिया. इस तलाक के बारे में ज्वाला ने कहा था कि इस रिश्ते के कारण उनकी पहचान नहीं रह गई थी, लोग उन्हें उनके पति के नाम से जानने और पहचानने लगे थे. इस कारण वो चेतन से अलग हो गईं. उसके बाद ज्वाला ने साउथ के मशहूर एक्टर विष्णु विशाल से लंबे समय डेट करके शादी कर ली थी. ज्वाला और विष्णु दोनों ही तलाकशुदा हैं.

ज्वाला का करियर
ज्वाला ने अपनी लगन और मेहनत के बलबूते 13 साल की उम्र में मिनी नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप जीत ली और 2000 में केवल 17 साल की उम्र में जूनियर नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप जीतकर अपनी धमाकेदार पहचान बनानी शुरू कर दी. उसी साल ज्वाला ने श्रुति कुरियन के साथ डबल्स में जोड़ी बनाते हुए महिलाओं के डबल्स जूनियर नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप और सीनियर नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप में जीत हासिल की थी. इसके बाद साल 2002 से 2008 तक ज्वाला लगातार 7 बार महिलाओं की नेशनल युगल प्रतियोगिता में जीत हासिल करती रहीं. साल 2010 में भी ज्वाला ने कॉमनवेल्थ गेम्स में अपनी डबल की पार्टनर अश्विनी पोनप्पा के साथ मिलकर भारत को स्वर्ण दिलाया था.

 

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