ISSF tournament: एमबीबीएस की पढ़ाई छोड़ सिफत ने उठाई पिस्टल, आज विश्व कप में किया भारत का नाम रोशन

एमबीबीएस फर्स्ट ईयर स्टूडेंट सिफत कौर सामरा ने रविवार को आईएसएसएफ राइफल/पिस्टल विश्व कप में महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3पी स्पर्धा का कांस्य पदक अपने नाम किया. सिफत ने पढ़ाई के साथ-साथ राइफल की प्रैक्टिस जारी रखी, हालांकि अब उनका फोकस 2024 ओलंपिक है.

सिफ्ट कौर सामरा
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 27 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 2:06 PM IST
  • कॉलेज से की एग्जाम शिफ्ट करने की अपील
  • देश का नाम किया रोशन

भारत की 22 वर्षीय निशानेबाज और एमबीबीएस फर्स्ट ईयर स्टूडेंट सिफत कौर सामरा ने रविवार को आईएसएसएफ राइफल/पिस्टल विश्व कप में प्रेरणादायी प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3पी स्पर्धा का कांस्य पदक अपने नाम किया. सिफत का यहां तक का सफर आसान नहीं था, क्योंकि उन्हें अपनी पढ़ाई और शूटिंग के बीच में कुछ एक चुनना था. 

मेडिकल और शूटिंग के बीच टफ 
सिफत बताती हैं कि टूर्नामेंट की तारीखें उनके एमबीबीएस फर्स्ट ईयर की परीक्षा से टकरा रही थीं, तो उन्होंने अपने कॉलेज से उनके लिए अलग से परीक्षा आयोजित करने का अनुरोध किया ताकि वह राष्ट्र का प्रतिनिधित्व कर सकें, लेकिन कॉलेज वालों ने उनकी ये बात नहीं मानी. अब सिफत को स्केलपेल और राइफल के बीच किसी एक चुनना था, तो उन्होंने खेल को चुना. अब सिफत का अगला लक्ष्य 2024 का ओलंपिक है.

देश का नाम किया रोशन
सामरा ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3-पोजीशन में कांस्य पदक जीता, जिससे भारत के पदकों की संख्या सात हो गई और देश के लिए दूसरा स्थान सुनिश्चित किया. हालांकि, उसकी एमबीबीएस के लिए चिंता के साथ उसकी खुशी झलक रही है. सिमरा ने अपनी शूटिंग की प्रैक्टिस जारी रखते हुए नीट भी क्रैक किया था.

कॉलेज से की एग्जाम शिफ्ट करने की अपील
सिफत कहती हैं कि, मैं एमबीबीएस के साथ शूटिंग को मैनेज नहीं कर पा रही थी. यहां आने से पहले, मैंने अपने कॉलेज से मेरे लिए अलग परीक्षा आयोजित करने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया. वो मुझे कहते रहे कि मुझे फर्स्ट ईयर रिपीट कर लेना चाहिए. इस सिलसिले में मैं कई मंत्रियों और प्रभावशाली लोगों के पास भी गई की शायद ऐसे कोई फायदा हो जाएगा, लेकिन वहां भी कुछ फायदा नहीं हुआ.

जब किया था शूटिंग छोड़ने का फैसला 
सिफत कहती हैं कि मैंने पहले शूटिंग छोड़ने का फैसला लिया था. मैंने पिछले साल ही सोच लिया था कि मैं शूटिंग छोड़ दूंगी. लेकिन भोपाल में एक राष्ट्रीय चैम्पियनशिप आयोजित की जा रही थी, इसलिए मैंने खुद से कहा कि मैं इस टूर्नामेंट के बाद शूटिंग छोड़ दूँगी. इस टूर्नामेंट में मैंने नेशनल रिकॉर्ड बनाया, और फिर जैसे मेरा जीवन ही बदल गया. मुझे एहसास हुआ की मुझे शूटिंग नहीं छोड़नी चाहिए. 

अब मेडिकल कोर्स का क्या होगा?
मेडिकल कोर्स को लेकर सिफत कहती हैं कि मैंने इसके बारे में नहीं सोचा है. मुझे नहीं पता कि मेरा कॉलेज मुझे अलग से एग्जाम देने के लिए परमिशन देगा या नहीं, मुझे नहीं पता आगे क्या होगा. फिलहाल मेरा पूरा फोकल ओलंपिक पर है. उसके बाद ही मैं एमबीबीएस के बारे में सोचूंगी.

सिफत ने किया शानदार प्रदर्शन
रविवार को, मौजूदा राष्ट्रीय चैंपियन के रूप में, सामरा ने 588 अंकों के साथ महिलाओं की 3P की योग्यता में एक मजबूत शुरुआत की, और चीन की झांग क्यूनग्यू (594) के बाद दूसरा स्थान हासिल किया. सामरा ने शीर्ष-आठ रैंकिंग राउंड में 403.9 स्कोर करने के बाद फाइनल में उत्कृष्ट निरंतरता का प्रदर्शन करते हुए कांस्य हासिल किया. 

 

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