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ओलंपिक गोल्ड मेडल दिलाने वाले राशिद-उल-हसन पर 10 साल का बैन, PM इमरान की आलोचना करना पड़ा भारी

हॉकी खिलाड़ी राशिद-उल-हसन द्वारा दो नोटिसों का जवाब नहीं देने के बाद, PHF अध्यक्ष ब्रिगेडियर के निर्देश पर समिति ने 10 साल का प्रतिबंध लगा दिया.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 05 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 8:18 AM IST
  • राशिद-उल-हसन पर 10 साल का प्रतिबंध
  • फैसले को चुनौती देने पर विचार कर रहे राशिद

पाकिस्तान के खेल अधिकारियों ने प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में हॉकी खिलाड़ी राशिद-उल-हसन पर 10 साल का प्रतिबंध लगा दिया है. राशिद 1984 लॉस एंजिल्स ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता टीम के हॉकी खिलाड़ी रहे हैं. 

फैसले को चुनौती देने पर विचार कर रहे राशिद  

डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, 62 वर्षीय राशिद ने आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए प्रतिबंध को अदालत में चुनौती देने के विकल्प पर विचार किया है. पाकिस्तान हॉकी महासंघ (PHF) ने देश में खेल की गिरावट को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री खान की आलोचना करने के बाद गुरुवार को उन्हें 10 साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया था.

जल्द होगा जांच समिति का गठन 

प्रतिबंध पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए राशिद ने कहा कि वर्तमान में वह महासंघ में किसी पद पर भी नहीं हैं. इस कदम से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के समर्थन में आवाज उठने की उम्मीद है. इस मामले को लेकर एक PHF जांच समिति का गठन किया गया था कि क्या राशिद ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था. 

राशिद द्वारा दो नोटिसों का जवाब नहीं देने के बाद, PHF अध्यक्ष ब्रिगेडियर के निर्देश पर समिति ने 10 साल का प्रतिबंध लगा दिया. अधिसूचना की प्रति नेशनल असेंबली की खेल संबंधी स्थायी समिति को भी भेजी गई है. 

पीएम को हमेशा सम्मान दिया है: राशिद

इस मामले को लेकर राशिद का कहना है कि उन्होंने प्रधानमंत्री को हमेशा सम्मान दिया औऱ किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उन्होंने उनके खिलाफ कोई अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया. राशिद ने डॉन अखबार को बताया, "सोशल मीडिया या किसी अन्य सार्वजनिक मीडिया पर, मैंने हमेशा प्रधानमंत्री को सम्मान दिया है."

नोटिस को लेकर राशिद ने दी सफाई

देश के नागरिक के तौर पर राशिद ने कहा, उन्हें बोलने का अधिकार है, लेकिन मैंने किसी भी तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया. राशिद के अनुसार, उन्हें लगभग पांच महीने पहले PHF से पहला नोटिस मिला था. उन्होंने कहा "नोटिस कोई गंभीर बात नहीं थी, इसलिए मैंने इसे गंभीर नहीं माना".

वहीं, दूसरा स्पष्टीकरण नोटिस मुझे लगभग 45 दिन पहले मिला था. मैंने पीएचएफ को आरोपों को स्वीकार करने से इनकार करते हुए संक्षिप्त जवाब लिखा क्योंकि मैंने प्रधानमंत्री के खिलाफ किसी भी तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया. 

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