Trans Am Bike Race: 6000 किमी की कठिन चुनौती, 7 जून से अमेरिका में शुरू होगी दुनिया की सबसे कठिन साइक्लिंग रेस, कोटा के नितिन सैनी करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व

कोटा शहर के नितिन सैनी ट्रांस एएम बाइक रेस में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 7 जून 2026 से अमेरिका के पश्चिमी तट एस्टोरिया से शुरू होकर पूर्वी तट वर्जीनिया तक आयोजित होगी.

Nitin Saini
gnttv.com
  • कोटा,
  • 03 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:51 PM IST

कोटा शहर के लिए गर्व की बात है. शहर के अल्ट्रा एंड्योरेंस साइक्लिस्ट और फिटनेस प्रमोटर नितिन सैनी विश्व की सबसे कठिन साइक्लिंग प्रतियोगिताओं में शुमार ट्रांस एएम बाइक रेस में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं. यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 7 जून 2026 से अमेरिका के पश्चिमी तट एस्टोरिया (ओरेगन) से शुरू होकर पूर्वी तट वर्जीनिया तक आयोजित होगी. लगभग 6,000 किलोमीटर लंबी इस रेस को दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण सेल्फ-सपोर्टेड साइक्लिंग प्रतियोगिताओं में गिना जाता है.

धैर्य, मानसिक मजबूती और शारीरिक क्षमता की कठिन परीक्षा 
ट्रांस एएम बाइक रेस केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि धैर्य, मानसिक मजबूती और शारीरिक क्षमता की कठिन परीक्षा मानी जाती है. इस रेस में प्रतिभागियों को बिना किसी बाहरी सहायता के पूरी यात्रा स्वयं पूरी करनी होती है. खिलाड़ियों को अपने भोजन, विश्राम, उपकरणों और मार्ग प्रबंधन की जिम्मेदारी खुद उठानी पड़ती है. प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों को ऊंचे पहाड़ों, विशाल रेगिस्तानों, तेज हवाओं, बदलते मौसम और भीषण गर्मी जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है. लगातार कई दिनों तक लंबी दूरी तय करना और सीमित आराम के साथ प्रदर्शन बनाए रखना इस रेस को बेहद कठिन बनाता है.

नितिन सैनी नॉर्थकप-4000 अल्ट्रा साइक्लिंग चुनौती को कर चुके हैं पूरा 
नितिन सैनी लंबे समय से अल्ट्रा एंड्योरेंस साइक्लिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं और कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों को सफलतापूर्वक पूरा कर चुके हैं. इससे पहले वह यूरोप की प्रतिष्ठित नॉर्थकप-4000 अल्ट्रा साइक्लिंग चुनौती को पूरा कर अपनी क्षमता साबित कर चुके हैं. अब ट्रांस एएम जैसी विश्वस्तरीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करना न केवल उनके लिए, बल्कि कोटा और पूरे देश के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है.

सफल प्रदर्शन की कामना 
नितिन सैनी का कहना है कि यह रेस सिर्फ शारीरिक ताकत की परीक्षा नहीं है, बल्कि मानसिक दृढ़ता, धैर्य और आत्मविश्वास की भी असली चुनौती है. उनका लक्ष्य सिर्फ रेस पूरी करना नहीं, बल्कि भारत और कोटा का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से स्थापित करना भी है. शहर के खेल प्रेमियों, फिटनेस समुदाय और नागरिकों ने नितिन सैनी को इस चुनौतीपूर्ण प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल प्रदर्शन की कामना की है.

(चेतन गुर्जर की रिपोर्ट)

 

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