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वाराणसी यूपी का पहला शहर जहां 5G Internet सेवा हुई लॉन्च, जानिए कब से और कैसे मिलेगा आपको फायदा

वाराणसी उत्तर प्रदेश का पहला शहर है जहां सबसे पहले 5G सेवा लॉन्च की गई. हालांकि आम लोगों को करीब एक सप्ताह का और इंतजार करना पड़ेगा. प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लॉन्चिंग के मौके पर कहा कि 5G से जीडीपी में वृद्धि होगी और यूपी एक ट्रिलियन डॉलर का इकोनामी बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा.

5G in Uttar Pradesh
gnttv.com
  • वाराणसी,
  • 02 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 8:21 AM IST
  • 5G के लिए नहीं लेना होगा नया सिम
  • वाराणसी के आम लोगों को एक सप्ताह और करना होगा इंतजार

देश में शुरू हुई 5G सेवा की कड़ी में वाराणसी यूपी का पहला ऐसा जिला बना गया जहां 5G सेवा लॉन्च हो गई. हालांकि अभी वाराणसी के उपभोक्ताओं को एक हफ्ते और इंतजार करना पड़ेगा. वाराणसी के रूद्राक्ष कंवेंशन सेंटर में एयरटेल की ओर से आयोजित 5G लॉन्चिंग कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डिजिटल इंडिया के फिफ्थ जनरेशन से देश व काशी को जोड़ने पर प्रधानमंत्री का आभार जताया. इस दौरान सीएम योगी ने बताया कि 5G के आने से कार्य की रफ्तार में गुणात्मक सुधार होगा. जो समय के साथ चलता है, वही जीवन के हर क्षेत्र में तरक्की करता है. उन्होंने बताया कि 5G की लॉन्चिंग से ग्राम सचिवालय को फाइबर ऑप्टिकल से शत-प्रतिशत जोड़ा जाएगा. कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री से सीएम योगी ने वार्ता भी की.

5G से जीडीपी में वृद्धि होगी-सीएम योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में दो करोड़ युवाओं को मोबाइल फोन दिए जाने का कार्य किया जा रहा है जिससे वे डिजिटली पढ़ाई पूर्ण कर सकेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन भारत की अर्थ व्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर करने का है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि 5G से जीडीपी में वृद्धि होगी. यदि 10 फ़ीसदी लोग इसका प्रयोग करते हैं, तो जीडीपी में 1 फीसदी की बढ़ोतरी होगी. उन्होंने संभावना व्यक्त करते हुए कहा कि यदि इसका 30 से 80 फ़ीसदी लोग प्रयोग करते हैं तो देश की जीडीपी कितनी होगी, इसकी सहज ही कल्पना की जा सकती है. इसके माध्यम से उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर का इकोनामी बनने की दिशा में अग्रसर होगा. प्रदेश सरकार एयरटेल संस्था को पूरी तरह सहयोग प्रदान करेगी. 

हेल्थ सेक्टर के लिए वरदान साबित होगी 5G

5G नेटवर्क चिकित्सा क्षेत्र में दूर-दराज के इलाकों में उन्नत चिकित्सा प्रक्रियाओं को फैलाने में मदद करेगा. वहीं डॉक्टर अपने स्थान से ही रोगियों से सीधा जुड़ सकेंगे, साथ ही डॉक्टर सर्जनों को दूरस्थ सर्जरी करने में भी सक्षम बनाएंगे. इसके अलावा, स्मार्ट चिकित्सा उपकरण जैसे कि वियरेबल्स इमरजेंसी की स्थिति में रोगियों को जल्दी सलाह दे सकेंगे. हेल्थकेयर सेक्टर में न केवल मरीजों के इलाज में 5G बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा बल्कि इस सेक्टर से जुड़ी अन्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा का स्वरूप भी 5G के चलते संवरेगा. वहीं स्मार्ट आरएफआईडी सेंसर और जीपीएस की मदद से किसान पशुओं को भी ट्रैक कर सकते हैं.

योजना से जुड़ेगें 13 शहर

5G नेटवर्क की आसान और सुचारु तैनाती के लिए छोटे सेल, बिजली के खंभे, स्ट्रीट फर्नीचर तक पहुंच आदि का प्रावधान है. सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा और पहले चरण के दौरान 13 शहरों को 5G इंटरनेट सेवाएं मिलेंगी. इसमें अहमदाबाद, बेंगलुरु, चंडीगढ़, चेन्नई, दिल्ली, गांधीनगर, गुरुग्राम, हैदराबाद, जामनगर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई और पुणे शामिल हैं.

5G ऐक्सेस करने के लिए नहीं लेना होगा नया सिम
          
भारत मे 5G सेवाओं को लेकर टेलीकॉम यूज़र्स के मन मे कई सवाल हैं, जिनका वे जवाब जानना चाहते हैं. इनमें से सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अब फिर 4G की तरह 5G शुरू होने पर नया सिम लेना होगा. एयरटेल ने 5G के लिए उस टेक्नोलॉजी को चुना है, जिसके एयरटेल के ग्राहकों को अपना सिम नहीं बदलना होगा और वे अपने वर्तमान सिम पर ही 5जी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे. "ज्यादातर एक साल से ज्यादा पुराने स्मार्टफोन में 5G चिपसेट नहीं होता है. हालांकि, भारत में उपलब्ध नए स्मार्टफोन्स 5G को सपोर्ट करता है.  यदि आप एक नया स्मार्टफोन खरीद रहे हैं, तो जांच लें कि वह 5G को सपोर्ट करता है या नहीं. फोन की 5G सेटिंग चालू करें. अपने फ़ोन पर 5G सक्षम करने के लिए, सेटिंग टैब पर जाएं और कनेक्शन या मोबाइल नेटवर्क पर जाएं. आपको 4G या एलटीई के अलावा 5G चुनने का विकल्प दिखेगा.  उस मोड का चयन करें और आप 5जी सेवाओं का उपयोग करने के लिए तैयार हैं. हालांकि वाराणसी के आम लोगों को अभी एक सप्ताह का और इंतजार करना पड़ेगा.

(रौशन जायसवाल की रिपोर्ट)
 

 

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