पहले ऑफिस...अब प्लंबर-इलेक्ट्रिशियंस की जॉब भी खाएगा AI, इस रिपोर्ट ने दुनिया भर के कर्मचारियों की बढ़ाई परेशानी

AI आने वाले समय में केवल ऑफिस या कंप्यूटर आधारित काम ही नहीं, बल्कि फील्ड वर्क को भी सपोर्ट करेगा. उदाहरण के लिए, AI सिस्टम किसी दीवार पर नमी देखकर लीकेज का अनुमान लगा सकता है, रिपेयर प्लान बना सकता है.

new study on AI job disruption: AI Image
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 02 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:56 PM IST
  • 93% नौकरियों पर बदलाव का खतरा
  • छंटनी के बाद AI पर दांव

OpenAI के ChatGPT के 2022 में लॉन्च के बाद जिस बदलाव की शुरुआत हुई थी, वह अब उम्मीद से कहीं ज्यादा तेज हो गई है. नई रिपोर्ट के मुताबिक, AI अब सिर्फ टेक या दफ्तर की नौकरियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हर सेक्टर में इसकी एंट्री हो चुकी है.

AI ने बदली नौकरी की परिभाषा
कॉग्निजेंट की नई रिपोर्ट बताती है कि अब 93% नौकरियां किसी न किसी रूप में AI से प्रभावित हो रही हैं. इनमें से करीब 30% नौकरियां ऐसी हैं जिनमें एक्सिस्टेंशियल चेंज यानी पूरी तरह काम करने का तरीका बदलने की स्थिति बन गई है. रिपोर्ट के अनुसार, जो बदलाव पहले 9 साल में होने का अनुमान था, वह सिर्फ 3 साल से भी कम समय में हो चुका है.

नौकरी छंटनी से बढ़ी चिंता
यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियों में बड़े पैमाने पर छंटनी चल रही है. Meta, Amazon, Oracle जैसी कंपनियों ने हजारों कर्मचारियों की नौकरी कम की है. एक आंकड़े के मुताबिक, 2026 में अब तक 1.15 लाख से ज्यादा लोग नौकरी गंवा चुके हैं, जबकि 2025 में यह संख्या 1.24 लाख से ज्यादा रही थी.

कॉग्निजेंट के रिसर्च हेड ओली ओ’डोनोग्यू ने कहा है कि AI का असर अब हर क्षेत्र में दिखेगा. यहां तक कि प्लंबर और इलेक्ट्रिशियन जैसी नौकरियां भी AI से प्रभावित होंगी, क्योंकि काम का तरीका बदल जाएगा.

प्लंबर-इलेक्ट्रिशियन का काम कैसे बदलेगा?
AI आने वाले समय में केवल ऑफिस या कंप्यूटर आधारित काम ही नहीं, बल्कि फील्ड वर्क को भी सपोर्ट करेगा. उदाहरण के लिए, AI सिस्टम किसी दीवार पर नमी देखकर लीकेज का अनुमान लगा सकता है, रिपेयर प्लान बना सकता है और यहां तक कि बिल और पार्ट्स की लिस्ट भी तैयार कर सकता है. हालांकि असली मरम्मत इंसान को ही करनी होगी, लेकिन तैयारी और विश्लेषण का काम AI संभाल लेगा.

AI से ट्रिलियन डॉलर का असर
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि AI की वजह से अमेरिका में ही करीब 4.5 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 427 लाख करोड़ रुपये) तक का काम इंसानों से हटकर मशीनों की तरफ जा सकता है. इसके साथ ही नौकरी बाजार में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

नई नौकरियां भी पैदा होने की उम्मीद
हालांकि रिपोर्ट सिर्फ खतरे की बात नहीं करती, बल्कि यह भी मानती है कि AI नए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा. कॉग्निजेंट के AI बिजनेस प्रमुख सुशांत वारिकू का कहना है कि AI से नए 'वैल्यू पूल्स' बनेंगे, जिससे नई तरह की नौकरियां और भूमिकाएं पैदा होंगी. लेकिन इसके लिए कंपनियों को अपने काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव करना होगा.

AI को लेकर वैश्विक बहस तेज
AI के बढ़ते प्रभाव को लेकर टेक इंडस्ट्री में भी मतभेद देखने को मिल रहे हैं. OpenAI और Anthropic जैसे संगठनों के सीईओ जहां नौकरी पर खतरे की बात कर रहे हैं, वहीं Nvidia के CEO जेन्सन हुआंग ने कहा है कि AI के नौकरी खत्म करने की बातें पूरी तरह गलत हैं.

एआई ने बिगाड़ा कंपनियों का बजट
एआई के आने के बाद से कंपनियों ने बड़े पैमाने पर छंटनी की थी. जब इंसानों की जगह टूल्स को काम में लगाया गया तो जो इनवॉइस सामने आई, उसने दिग्गज कंपनियों को हिला दिया. सबसे बड़ा झटका माइक्रोसॉफ्ट को लगा. कंपनी ने एंथ्रोपिक में करीब 48 हजार करोड़ रुपये निवेश किए और अपने 1 लाख इंजीनियरों को क्लॉड कोड का एक्सेस दे दिया. उम्मीद थी कि उत्पादकता बढ़ेगी, लेकिन हर शब्द पर भुगतान की मजबूरी ने लागत को बेकाबू कर दिया. इसी वजह से जून तक सभी लाइसेंस रद्द कर दिए गए और इंजीनियरों को माइक्रोसॉफ्ट के इन-हाउस टूल पर शिफ्ट करना पड़ा.

 

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