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Foxconn ने हटाया अनमैरिड महिला एम्पलॉयी वाला रिक्रूटमेंट एड, जारी किया जाएगा नया विज्ञापन

Foxconn recruitment advertisement: जून 25 को पब्लिश हुई रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि Foxconn अपने भारत की मेन असेंबली प्लांट में शादीशुदा महिलाओं को नौकरी नहीं देता. हालांकि, प्रोडक्शन की जरूरत बढ़ने पर इस नियम में छूट दी जाती थी.

Foxconn
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 19 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 12:54 PM IST
  • भर्तियों में हो रहा भेदभाव 
  • फॉक्सकॉन ने हटाया रिक्रूटमेंट एड

फॉक्सकॉन (Foxconn) में शादीशुदा महिलाओं को नौकरी पर न लेने की खबरों के बाद कंपनी ने बड़ा कदम उठाया है. Apple के सप्लायर Foxconn ने भारत में iPhone असेंबली के लिए कर्मचारियों की भर्ती करने वाले एजेंटों को आदेश दिया है. इसमें कहा गया है कि वे नौकरी के विज्ञापनों में उम्र, लिंग, और वैवाहिक स्थिति जैसे मानदंडों को शामिल न करें. साथ ही, विज्ञापनों में कंपनी के नाम का भी जिक्र न हो. यह कदम Reuters की एक जांच के बाद उठाया गया है. 

जून 25 को पब्लिश हुई रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि Foxconn अपने भारत की मेन असेंबली प्लांट में शादीशुदा महिलाओं को नौकरी नहीं देता. हालांकि, प्रोडक्शन की जरूरत बढ़ने पर इस नियम में छूट दी जाती थी. कंपनी ने तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में स्थित अपने आईफोन असेंबली प्लांट के इस रिक्रूटमेंट प्रोसेस से भेदभाव को दूर करने के लिए ये कदम उठाया है. 

फॉक्सकॉन में शादीशुदा महिलाओं को नौकरी न देने से जुड़ा ये विज्ञापन जारी हुआ तो भारत सरकार ने इन खबरों की जांच के आदेश दिए. यह मामला जून 2024 का है. अब फॉक्सकॉन ने अपने रिक्रूटमेंट एजेंटों को निर्देश दिया है कि वे उम्र, जेंडर और मैरिड स्टेटस जैसे मानदंडों को नौकरी के विज्ञापनों से हटा दें और कंपनी के नाम का भी जिक्र न करें. 

भर्तियों में हो रहा भेदभाव 
जनवरी 2023 से मई 2024 के बीच फॉक्सकॉन के रिक्रूटमेंट एजेंटों ने एक विज्ञापन जारी किया था. इसमें साफ-साफ लिखा गया था कि केवल अविवाहित महिलाएं, जो एक निश्चित उम्र के भीतर हों, असेंबली लाइन पर काम करने के लिए अप्लाई कर सकती हैं. 

दरअसल, चेन्नई के पास स्थित फॉक्सकॉन की फैक्ट्री में हजारों कर्मचारी काम करते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हैं. कामगारों की जरूरत को पूरा करने के लिए फॉक्सकॉन थर्ड पार्टी रिक्रूटमेंट एजेंटों पर निर्भर करता है. यही लोग उम्मीदवारों की खोज, स्क्रीनिंग और इंटरव्यू के प्रोसेस में मदद करते हैं. लेकिन जांच में पता चला कि इन एजेंटों ने पारिवारिक जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए, शादीशुदा महिलाओं को इस रिक्रूटमेंट प्रोसेस से बाहर रखा.  

रॉयटर्स की जांच और इसके परिणाम
रॉयटर्स की रिपोर्ट ने इस रिक्रूटमेंट प्रोसेस के बारे में रिपोर्ट किया. इस विज्ञापन के प्रति कई लोगों ने नाराजगी जाहिर की. रिपोर्ट पब्लिश होने के कुछ ही दिनों के भीतर, फॉक्सकॉन के एचआर अधिकारियों ने रिक्रूटमेंट प्रोसेस में पूरी तरह से बदलाव करने के निर्देश दिए. एजेंटों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि उनके विज्ञापन फॉक्सकॉन के दिए हुए टेम्पलेट्स के अनुसार हों और इनमें इस तरह का कोई भेदभाव न हो. 

इन बदलावों के बावजूद, फॉक्सकॉन ने सार्वजनिक रूप से यह साफ नहीं किया कि शादीशुदा महिलाओं पर लगाया गया ये बैन आधिकारिक रूप से हटा दिया है या नहीं. एप्पल ने भी इस पर कोई टिप्पणी नहीं की. हालांकि, दोनों कंपनियों ने यह कहा है कि फॉक्सकॉन भारत में शादीशुदा महिलाओं की हायरिंग करता है.


 

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