आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) दुनिया भर में काम करने के तरीके को तेजी से बदल रहा है. जहां एक तरफ यह लोगों के काम को आसान बना रही है, वहीं दूसरी ओर नौकरीपेशा लोगों के लिए नई दिक्कत भी खड़ी कर रही है. एआई के चलते पहले ही लोगों में एक डर है कि उनकी नौकरी चली जाएगी. साथ ही कुछ लोग ऐसे भी है जो इसे अपनाने को तैयार नहीं है. लेकिन सच बात तो यह है कि कई व्हाइट-कॉलर नौकरियों पर AI का बड़ा असर देखने को मिलेगा. जो काम आज मैनुअली हो रहे है वो जल्द ही केवल प्रॉम्प्ट के जरिए हुआ करेंगे. ऐसे में इस तबके के लिए अपनी नौकरी को संभालना एक जरूरी काम है.
एआई एक्सपर्ट्स की मानें तो अकाउंटिंग, लीगल सर्विसेज, मार्केटिंग और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट जैसे सेक्टर AI ऑटोमेशन पूरी तरह संभालने वाला है. अब AI केवल मदद करने वाला टूल नहीं रह गया है, बल्कि यह धीरे-धीरे कई जिम्मेदारियों को खुद संभालने की पावर का विकास कर रहा है. खासतौर पर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के सेक्टर में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, जहां कोडिंग और प्रोग्रामिंग के कई हिस्से अब AI टूल्स की मदद से पूरे किए जा रहे हैं.
एक्सपर्ट्स के अनुसार साल 2027 तक AI इतनी कार्यक्षमता इतनी ज्यादा होगी कि वह खुद ऑफिस के कामों खुद अपने लेवल पर कर सके. आने वाले कुछ सालों में AI एजेंट कंपनियों के अंदर फैसले लेने, प्रोजेक्ट मैनेज करने और कई प्रोसेस को ऑटोमेट करने में अहम भूमिका निभाएगा. इससे कई जगहों पर ह्यूमन इंटरफेरेंस की जरूरत काफी हद तक कम हो जाएगी.
कंप्यूटिंग पावर में लगातार हो रही डेवलपमेंट AI के विकास की सबसे बड़ी वजह है. जितने ज्यादा पावरफुल चिप वाले कंप्यूटर होंगे, AI सिस्टम उतने ही तेज, पावरफुल और परफेक्ट रिजल्ट दे सकेंगे. फ्यूचर में किसी कंपनी के लिए अपना कस्टम AI मॉडल तैयार करना उतना आसान हो सकता है, जितना किसी इंसान के लिए आज एक ब्लॉग बनाना या पॉडकास्ट शुरू करना है.
लोगों में अपनी नौकरी को लेकर चिंता बढ़ रही है. उन्हें यही डर सता रहा है कि AI नौकरी खा जाएगा. लेकिन कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह तकनीक नई नौकरियां भी पैदा करेगा. ऐसे में सबसे जरूरी है कि इस तकनीक के साथ खुद को अपडेट करना. डिजिटल स्किल्स, डेटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग और AI टूल्स की समझ रखने वाले लोगों के लिए भविष्य में बेहतर अवसर होंगे.