iPhone बना दुनिया में घटती जन्मदर की बड़ी वजह? स्टडी में चौंकाने वाला दावा

रिसर्चर्स ने 2007 से 2011 के बीच के समय का अध्ययन किया. उस दौरान अमेरिका में iPhone सिर्फ AT&T नेटवर्क के जरिए उपलब्ध था. इसलिए जिन इलाकों में AT&T की अच्छी मोबाइल ब्रॉडबैंड पहुंच थी, वहां लोगों को iPhone जल्दी मिला.

Falling Birth Rates
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 09 जून 2026,
  • अपडेटेड 10:40 AM IST

दुनिया भर में जन्मदर लगातार घट रही है. पहले माना जाता था कि जैसे-जैसे किसी देश या समाज की आर्थिक स्थिति बेहतर होती है, वैसे-वैसे वहां बच्चे कम पैदा होते हैं. लेकिन पिछले करीब 20 वर्षों में वैज्ञानिकों ने एक अलग ट्रेंड देखा है. अमीर और गरीब देशों में अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद जन्मदर लगभग एक जैसी रफ्तार से गिर रही है. अब दो नई रिसर्च में दावा किया गया है कि इसके पीछे स्मार्टफोन, खासकर iPhone की बड़ी भूमिका हो सकती है.

2007 के बाद तेजी से गिरी अमेरिका की जन्मदर
अमेरिका के नेशनल ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक रिसर्च (NBER) की एक स्टडी के मुताबिक 1980 से 2007 तक अमेरिका की सामान्य प्रजनन दर लगभग 65 से 70 जन्म प्रति 1000 महिलाओं के बीच बनी रही. लेकिन 2007 के बाद इसमें लगातार गिरावट शुरू हो गई. 2024 तक यह आंकड़ा घटकर 54 पर पहुंच गया. यानी 17 साल में करीब 22 फीसदी की कमी दर्ज की गई.

iPhone लॉन्च को बनाया गया अध्ययन का आधार
रिसर्चर्स ने 2007 से 2011 के बीच के समय का अध्ययन किया. उस दौरान अमेरिका में iPhone सिर्फ AT&T नेटवर्क के जरिए उपलब्ध था. इसलिए जिन इलाकों में AT&T की अच्छी मोबाइल ब्रॉडबैंड पहुंच थी, वहां लोगों को iPhone जल्दी मिला. शोधकर्ताओं ने इन इलाकों की तुलना उन क्षेत्रों से की जहां AT&T की पहुंच कम या नहीं थी. इससे उन्हें यह समझने में मदद मिली कि स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल का जन्मदर पर क्या असर पड़ा.

युवाओं में सबसे ज्यादा दिखा असर
स्टडी में पाया गया कि iPhone की पहुंच बढ़ने से 15 से 19 साल की महिलाओं में जन्मदर 4.5 से 8 फीसदी तक घटी. वहीं 20 से 24 साल की महिलाओं में यह गिरावट 3.2 से 6.6 फीसदी रही. शोधकर्ताओं का अनुमान है कि 2007 से 2011 के बीच अमेरिका में जन्मदर में आई कुल गिरावट का 33 से 52 फीसदी हिस्सा स्मार्टफोन के प्रभाव से जुड़ा हो सकता है.

ज्यादा कनेक्टिविटी, कम जन्मदर
अध्ययन में यह भी सामने आया कि जिन काउंटियों में AT&T का नेटवर्क लगभग पूरी तरह उपलब्ध था, वहां किशोरियों के जन्मदर में 26 फीसदी गिरावट आई. आंशिक नेटवर्क वाले इलाकों में यह गिरावट 18.9 फीसदी रही, जबकि नेटवर्क नहीं होने वाले क्षेत्रों में केवल 13.8 फीसदी की कमी दर्ज की गई. इससे शोधकर्ताओं को स्मार्टफोन और जन्मदर के बीच संबंध के संकेत मिले.

आखिर स्मार्टफोन से क्यों घट सकती है जन्मदर?
वैज्ञानिकों का मानना है कि स्मार्टफोन आने के बाद युवाओं का सामाजिक व्यवहार बदल गया. लोग दोस्तों से आमने-सामने मिलने के बजाय ऑनलाइन ज्यादा समय बिताने लगे. इससे सामाजिक मेलजोल और यौन गतिविधियों में कमी आ सकती है. रिसर्च में यह भी कहा गया है कि इंटरनेट पर पोर्नोग्राफी की आसान उपलब्धता कुछ मामलों में वास्तविक संबंधों का विकल्प बन सकती है.

गर्भनिरोध और जानकारी तक आसान पहुंच
स्मार्टफोन ने युवाओं को गर्भनिरोधक उपायों, यौन स्वास्थ्य और गर्भपात संबंधी जानकारी तक आसान पहुंच दी. इससे अनचाहे गर्भधारण कम हुए होंगे. यानी स्मार्टफोन सिर्फ सामाजिक व्यवहार ही नहीं, बल्कि जागरूकता बढ़ाने का भी माध्यम बना.

दुनिया के 128 देशों में मिला समान ट्रेंड
यूनिवर्सिटी ऑफ सिनसिनाटी के अर्थशास्त्रियों ने 128 देशों के आंकड़ों का अध्ययन किया. उन्होंने पाया कि अलग-अलग संस्कृति, धर्म, स्वास्थ्य व्यवस्था और कानून वाले देशों में भी किशोर जन्मदर में गिरावट लगभग एक ही समय पर तेज हुई. स्टडी के अनुसार 2003 में लोग प्रतिदिन औसतन 68 मिनट आमने-सामने बातचीत और सामाजिक गतिविधियों में बिताते थे. 2019 तक यह समय घटकर 38 मिनट रह गया. दूसरी तरफ कंप्यूटर और डिजिटल डिवाइस पर बिताया जाने वाला समय 22 मिनट से बढ़कर 96 मिनट प्रतिदिन हो गया. यह बदलाव लोगों की जीवनशैली में बड़े परिवर्तन का संकेत देता है.

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